हमीरपुर के रमेश परमार ने बालिका दिवस पर बेटी को बनाया परिवार का मुखिया।
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हमीरपुर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर उपमंडल नादौन के रैल कस्बे के साथ लगते बारी गांव के एक परिवार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की अनोखी मिसाल पेश की है। परिवार ने अपनी बेटी को घर का मुखिया बनाया है। इसके लिए बाकायदा बेटी को सम्मानित किया और घर के मुखिया की कुर्सी पर बैठाया। डाइनिंग टेबल की कुर्सी भी मुखिया वाली ही दी गई। डाइनिंग टेबल पर सबसे पहले घर के मुखिया की भांति खाना भी इसी बेटी को परोसा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत सकारात्मक संदेश देना है।
भारतीय सेना से बतौर कैप्टन सेवानिवृत्त रमेश परमार ने कहा कि उनकी पोती शिवांगी एक साल दो माह की है। बालिका दिवस पर उन्होंने इसे घर का मुखिया बनाया है। मुखिया की कुर्सी पर बेटी को बैठाकर उसे सम्मानित किया। केक काटकर बच्चों व ग्रामीणों में बांटा गया। लोगों को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया गया। जल्द ही बेटी शिवांगी के नाम की प्लेट घर के मुख्य द्वार पर लगाएंगे ताकि, गांव व अन्य क्षेत्रों से संबंधित लोग इसे देखकर बेटियों के प्रति सकारात्मक हों और शेष समाज को भी जागरूक करें। बेटी शिवांगी के पिता शशि परमार फायर एंड सेफ्टी विभाग में कार्यरत हैं, जबकि माता शशि बाला गृहिणी हैं।