बड़सर(हमीरपुर)। चार पंचायतों के केंद्र बिंदु पर स्थित मैहरे बाजार में कचरे की समस्या प्रतिदिन विकराल रूप धारण कर रही है। कचरे के निपटारण को लेकर उचित प्रबंध न होने से मुख्य बाजार के बाहर स्थित क्षेत्रों की सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं।
इससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। पूर्व में मैहरे बाजार में व्यापार मंडल बड़सर की ओर से कचरा एकत्रित कर उसे बड़सर पंचायत की ओर से गलू में चिन्हित स्थान पर फेंका जाता था, लेकिन कचरे के निष्पादन को लेकर कोई मशीनरी न होने से चिन्हित स्थान पर कूड़े का पहाड़ बनना शुरू हो गया। इसके उपरांत 2021 में स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सहयोग से गलू में शेड का निर्माण किया गया और प्रावधान किया गया कि बाजार से उठाए जाने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर रखा जाए, ताकि कचरे का सही रूप से निष्पादन किया जा सके। थोड़े समय बाद गलू गांव के ग्रामीणों ने हाई कोर्ट से स्टे ले लिया और यहां पर कचरा फेंकने पर स्टे लग गया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान मामला ग्रामीणों के पक्ष में आया। इसके बाद मैहरे बाजार में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए और निष्पादन की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण बाजार के साथ-साथ आसपास की जगहों पर भी कूड़े के ढेर लगना शुरू हो गए। हालांकि इसी बीच व्यापार मंडल की ओर से ऊना से गाड़ी हायर की गई, ताकि बाजार और कॉलोनियों का कूड़ा उठाया जाए, लेकिन यह व्यवस्था भी अब चरमरा गई है। इससे बाजार में कचरे की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय दुकानदारों राजीव, अमन, सुमित, मोनू, प्रकाश, दीपक, सपना, रेखा, सुनीता आदि ने कहा कि बाजार में गाड़ी नियमित तौर पर नहीं आती है। इस कारण बाजार में कचरे की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से कचरे के निपटारण के लिए उचित प्रबंध करने की मांग की है। अभी तक यहां पर कचरे के निष्पादन का कोई विकल्प प्रशासन को नहीं मिल पाया है।
कोट
मैहरे बाजार में कचरे की समस्या को लेकर लगातार पंचायतों और व्यापार मंडल से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही बाजार में कचरे के निपटारण को लेकर ठोस प्रबंध किया जाएगा। वर्तमान में मैहरे बाजार से नियमित तौर पर कचरा उठाया जा रहा है।
राजिंद्र कुमार, एसडीएम, बड़सर उपमंडल
कोट:
पिछले कुछेक समय से बाजार में कचरे की समस्या विकराल होती जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान करने में विभागीय अधिकारी विफल साबित हो रहे हैं।
सजल, दुकानदार
बाजार में कचरे की गाड़ी सप्ताह में दो से तीन दिन ही कचरा उठा रही है। हालांकि व्यापार मंडल की ओर से प्रतिमाह कचरे का शुल्क लिया जाता है।
सुनील ठाकुर, दुकानदार
मैहरे बाजार चार पंचायतों के केंद्र में स्थित है। प्रशासन एक भी पंचायत में कचरा निपटारण के लिए स्थान चिन्हित नहीं कर पाया है।
नरेश जमवाल, बड़सर निवासी
बाजार के साथ अब आसपास की मुख्य सड़कों में भी कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
नितिन कनिश, युवा
सजल दुकानदार। संवाद
सजल दुकानदार। संवाद
सजल दुकानदार। संवाद
सजल दुकानदार। संवाद
सजल दुकानदार। संवाद
सजल दुकानदार। संवाद