हमीरपुर की बोहणी, नेरी और बस्सी झनियारा, अमरोह और धरोग पंचायतों ने जताया विरोध
कहा, नगर निगम में शामिल होने के बाद नहीं मिलेंगी पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर निगम हमीरपुर में शामिल होने के विरोध में सोमवार को चार और पंचायतों के ग्रामीणों ने उपायुक्त हमीरपुर को मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत बोहणी, बस्सी झनियारा, नेरी, अमरोह और धरोग पंचायत के कैहडरू गांव के लोगों ने उपायुक्त से उन्हें नगर निगम के दायरे से बाहर करने का अनुरोध किया।
ग्रामीणों ने कहा कि 23 नवंबर को शहरी विकास विभाग ने अधिसूचना जारी की है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि उनकी पंचायतों के तहत आने वाले गांवों को नगर निगम हमीरपुर में शामिल किया जा रहा है। इलाका वासी नगर निगम हमीरपुर में शामिल नहीं होना चाहते। ऐसे में उन्हें नगर निगम में शामिल न किया जाए।
ग्रामीणों रोशन लाल, चंद्रशेखर, राज कुमार, विमला, पुष्पा, पूजा, रोशन लाल, संजय कुमार ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं में लोगों की सहभागिता ज्यादा रहती है और प्रत्यक्ष रूप से पंचायतों के साथ जुड़े हुए हैं। पंचायत के सभी विकास कार्यों में ग्रामीणों की सहभागिता होती है। शहरीकरण से ठेकेदारी प्रथा शुरू हो जाएगी। इससे पूर्व नगर निगम के विरोध में 11 पंचायतों के प्रतिनिधि उपायुक्त को मांग पत्र सौंप चुके हैं। अब चार अतिरिक्त पंचायतों के लोगों ने पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने पर विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम में शामिल करने से लोगों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। गांवों में गरीब परिवार रहे हैं ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कोट:
धरोग पंचायत के प्रधान चंद्र शेखर ने कहा कि कैहडरू गांव के लोग नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि नगर निगम में शामिल होने का बाद लोगों को जो पंचायतों में मूलभूत सुविधाएं मिलती थी, वे नहीं मिल पाएगी।
बोहणी पंचायत प्रधान अरुणा शर्मा ने कहा कि बोहणी गांव को नगर निगम में शामिल किया जा रहा है। ग्रामीण नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते। गांव में गरीब परिवार रहते हैं नगर निगम में शामिल होने से इनके ऊपर टैक्स का बोझ पड़ेगा। लोग मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर, पशुपालन से जीवन यापन करते हैं।