सुजानपुर में सड़क किनारे सिहंजन के फूल बेचता एक व्यक्ति।
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सुजानपुर (हमीरपुर)। प्रकृति से कई सब्जियां और फल-फूल मिलते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। इन्हीं में एक सिहंजन के फूल हैं, जो बाजार में हाथों हाथ बिक रहे हैं। जायकेदार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी इन फूलों की चटनी का स्वाद लेने के लिए हमीरपुर के उपमंडल सुजानपुर के बाजार का रुख करना पड़ेगा। यहां सिहंजन का फूल 200 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिल रहा है। यह केवल दिसंबर से फरवरी माह तक उगता है।
इस आयुर्वेदिक महत्व वाले फूल को पहाड़ी भाषा में शुनणा ही कहते हैं। बुजुर्गों से युवाओं तक शुनणा का महत्व छिपा नहीं है। यह पेड़ों पर ऊंचाई पर लगते हैं। जिन्हें तोड़ना जोखिम भरा होता है। हालांकि नई पीढ़ी इसके महत्व को लेकर अनजान हैं, लेकिन पुराने बुजुर्ग इसकी चटनी घर में बनाकर परिवार संग जायका लेते हैं। शुनणा के फूल की चटनी में महज नमक ही डाला जाता है। महत्वपूर्ण पहलू है कि नमक खाने के समय ही डाला जाता है, इससे पूर्व नमक डालने से स्वाद कड़वा हो जाता है। जहां यह जायकेदार होती है वहीं यह पेट की बीमारियों के भी निरोगी औषधि के तौर पर माना जाता है। फूल पक जाने के बाद इसकी सब्जी या अचार भी बनाया जाता है। बुजुर्ग कुशल पुवारी ने बताया कि शुनणा पेट की बीमारियों के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इन दिनों ही पाया जाता है। इसकी चटनी के साथ अचार व सब्जी भी बनती है। सब्जी विक्रेता श्रवण कुमार, श्यामलाल ने बताया कि शुनणा की मांग बहुत है। यह सुजानपुर इलाके में पाया जाता है।
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पेट की बीमारियों को दूर करता है सिहंजन : डॉ. पराशर
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल पराशर ने कहा कि सिहंजन के फूल सुजानपुर क्षेत्र में काफी मात्रा में पाए जाते हैं। सिहंजन के फूलों और फलियों में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन सी होता है। फूलों की चटनी पेट की कई बीमारियों को दूर करती है। इसमें सभी आवश्यक एमिनो एसिड पाए जाते हैं। सिहंजन के फूल उदर और कफ रोगों काफी लाभदायी होते हैं। रोगप्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत लाभदायक हैं।
सिहंजन के फूल।- फोटो : Hamirpur-HP