हमीरपुर। जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में दाखिले से तीन माह तक पहली कक्षा के विद्यार्थी बिना किताबों से पढ़ाई करेंगे। विद्यार्थियों को खेल-खेल में किताबों का ज्ञान देने और पढ़ाई का बोझ कम करने के लिए अभियान शुरू होगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों पर बढ़ते किताबों के बोझ को कम करना और उन्हें आनंददायक तरीके से शिक्षा प्रदान करना है। तीन माह तक स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को खेल, कहानी, चित्रकला और समूह गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी, जिससे उनकी सीखने में रुचि बढ़ेगी।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से प्री-प्राइमरी शिक्षा के बाद स्कूल स्तर पर प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस दौरान भाषा कौशल, रचनात्मकता और सामाजिक व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षा में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ने के बाद पहली कक्षा में पुस्तकों के लगने से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने के दिक्कत होती है। ऐसे में अधिकांश विद्यार्थी भाषा, गणित विषयों को समझ नहीं पाते हैं।
विद्यार्थियों की समस्या का समाधान करने के लिए इस शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग ने अभियान शुरू किया है, ताकि विद्यार्थियों को निपुण बनाने का कार्य किया जा सके। तीन माह के बाद भी विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर पर पढ़ाई के लिए विभिन्न कार्यक्रम और अभियान शुरू किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में सुविधा मिलेगी।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में पहली कक्षा के विद्यार्थियों को तीन माह तक बिना पुस्तकों से पढ़ाई करवाई जाएगी। स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें किताबों का ज्ञान दिया जाएगा।
-कमल किशोर भारती, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर