बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के अधीन संस्कृत महाविद्यालय चकमोह में छात्रों और शिक्षकों में चल रहा तनाव वर्तमान कार्यकारी प्रधानाचार्य को हटाने के बाद समाप्त हो गया है। मंदिर ट्रस्ट और कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित समन्वय कमेटी ने कार्रवाई करते हुए बीबीएन डिग्री कॉलेज चकमोह के प्रधानाचार्य नरेश कुमार को संस्कृत महाविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। वहीं, संस्कृत महाविद्यालय में कार्यरत कार्यकारी प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार को उनके प्रधानाचार्य पद के दायित्व से मुक्त कर दिया है।
ीरेंद्र कुमार पूर्व की भांति नियमित संस्कृत महाविद्यालय में कक्षाएं ही लेंगे और अब वह प्रशासनिक कार्य नहीं देखेंगे। संस्कृत महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और कॉलेज प्रबंधन में चल रहे गतिरोध के चलते समन्वय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने प्रधानाचार्य और विद्यार्थियों के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रशासन को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं, विद्यार्थियों की ओर से कार्यकारी प्रधानाचार्य पर डराने धमकाने के आरोप लगाए गए थे। विद्यार्थियों के बयान के आधार पर कमेटी की ओर से अब कार्यकारी प्रधानाचार्य को हटाने का निर्णय लिया गया है। समन्वय कमेटी ने पूर्व कार्यकारी प्रधानाचार्य को कॉलेज में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में एसडीएम बड़सर शशिपाल का कहना है कि विद्यार्थियों की शिकायत के बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य को हटाकर डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश कुमार को कार्यभार सौंपा गया है। विद्यार्थियों की अन्य मांगें भी शीघ्र पूरी होंगी।
संस्कृत महाविद्यालय चकमोह के विद्यार्थियों ऋषि शर्मा, दुष्यंत, पलक शर्मा, आंचल शर्मा, करण ने चकमोह कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश कुमार के कार्यभार संभालने एवं उनकी मांगों को पूरा करने के लिए एसडीएम बड़सर शशिपाल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में रिक्त पदों के बारे में शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।