गारली (हमीरपुर)। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड उपमंडल बड़सर के दो स्कूलों में 19 जुलाई रविवार को डीएलएड की परीक्षा करवाएगा, लेकिन इस बारे में स्थानीय प्रशासन को कोई सूचना ही नहीं है। वहीं, परीक्षा के लिए न ही कमरों को सैनिटाइज किया गया और न ही थर्मल स्क्रीनिंग मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर में 160 और बणी में 99 बच्चे डीएलएड का पेपर देंगे। समयसारिणी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक है। पेपर देने के लिए रविवार को 259 अभ्यर्थी बड़सर पहुंचेंगे, लेकिन इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी नहीं है। सेंटर स्कूलों में शिक्षा बोर्ड की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग करने की बात की जाती है, लेकिन मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। जिन डेस्कों या चटाई के ऊपर बैठकर अभ्यर्थी पेपर देंगे उन्हें डेढ़-दो माह से सैनिटाइज नहीं किया गया है।
पंचायतों ने स्कूलों को करीब दो माह पहले सैनिटाइज किया था, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से दोबारा सैनिटाइज करना शिक्षा विभाग ने जरूरी नहीं समझा। एक तरफ प्रदेश सरकार ने केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में पीजी अध्ययन प्रवेश परीक्षा रद्द करवा दी। वहीं डीएलएड परीक्षा करवाने की मंजूरी दे दी है। उधर, शिक्षा बोर्ड चेयरमैन सुरेश सोनी ने बताया कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए पेपर जरूरी है। ऐसा न करने पर बच्चों को आगे एडमिशन लेने के लिए समस्या उत्पन्न हो सकती है। प्रदेश में लगभग 140 केंद्रों में परीक्षा करवाई जा रही है। वैसे भी अनलॉक 2 चला हुआ है और सरकार की ओर से पेपर करवाने पर कोई मनाही नहीं है। कंटेनमेंट जोन में कोई भी सेंटर नहीं बनाया गया है। सामाजिक दूरी, सैनिटाइजर, हैंडवॉश के लिए राशि उपलब्ध करवा दी गई है। थर्मल स्क्रीनिंग भी सबकी की जाएगी। एक कमरे में 20 से ज्यादा बच्चे बैठकर परीक्षा नहीं देंगे। वहीं, स्कूल प्रधानाचार्य बणी सुदर्शन शर्मा ने बताया कि 99 विद्यार्थी परीक्षा देंगे और बड़सर प्रिंसीपल जगदेव ने बताया कि 160 बच्चे डीएलएड की परीक्षा देने पहुंचेंगे। बोर्ड की तरफ से सैनिटाइजर और हैंड वॉश दिया गया है। थर्मल स्क्रीनिंग मशीनें उन्हें उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। इस संबंध में एसडीएम बड़सर प्रदीप कुमार ने बताया कि डीएलएड पेपर के बारे में उन्हें बोर्ड की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए वे इस संबंध में ज्यादा नहीं बता पाएंगे।