सुजानपुर( हमीरपुर)। कोरोना महामारी के बीच शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुजानपुर के दर्जनों विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। इस दौरान स्कूल प्रशासन की तरफ से विद्यार्थियों को फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाएं वितरित की गईं। विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने में स्कूल प्रशासन की एक बड़ी चूक सामने आई है। एक तरफ जहां स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर सरकार के निर्देशों की अवहेलना की है, वहीं चार दिन पूर्व एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति भी किसी कार्य से स्कूल में पहुंच गया। स्कूल स्टाफ के कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से हड़कंप है।
कोरोना संक्रमित के संपर्क में आया स्टाफ न तो आइसोलेट हुआ और न ही उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए। वहीं, स्कूल को भी अभी तक सैनिटाइज नहीं किया गया। स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा के चलते 7 सितंबर से फर्स्ट टर्म परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। ऑनलाइन परीक्षा में स्कूली विद्यार्थी घर बैठे ही प्रश्नों का उत्तर देंगे। इसके लिए उत्तर पुस्तिका स्कूल प्रशासन की ओर से वितरित की जानी हैं। इस परीक्षा के लिए आंसर सीट वितरण स्कूल प्रशासन की ओर से अभिभावकों के माध्यम से या अन्य उचित माध्यम से करने के निर्देश हैं। नियमों के मुताबिक आंसर शीट्स के लिए विद्यार्थियों को स्कूल में नहीं बुलाया जा सकता। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुजानपुर में नौवीं से जमा दो तक करीब 300 बच्चों की संख्या है। काफी संख्या में बच्चे आंसर शीट लेने पहुंच गए। महत्वपूर्ण पहलू है कि न तो कोई सोशल डिस्टेंसिंग में था न ही बच्चों के पास अपना कोई अलग पेन, आंसर शीट प्राप्ति के लिए एक ही पेन का सहारा लिया जा रहा था।
इस संबंध में स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर शर्मा का कहना है कि आंसर शीट स्कूल में वितरित करने के लिए साफ तौर पर मना किया था। बाकायदा टीचरों की चार अलग-अलग कमेटियां गठित की थीं। ताकि बच्चों को उचित माध्यम से आंसर शीट उन तक पहुंचाई जाएं।