शरारती तत्वों ने हमीरपुर नगर परिषद कार्यालय के बाहर दीवार पर लगी उद्घाटन पट्टिका से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का नाम मिटा दिया। धूमल ने वर्ष 2002 में मुख्यमंत्री रहते हुए कार्यालय का उद्घाटन किया था। इस भवन के लिए बजट भी तत्कालीन धूमल सरकार ने दिया था।
इस उद्घाटन पट्टिका से छेड़छाड़ ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हैरानी की बात है कि लंबे समय से नगर परिषद में भाजपा से संबंधित पार्षदों और अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का कब्जा रहा है।
भाजपा समर्थित नगर परिषद होने के बावजूद कोई इस तरह की वारदात को अंजाम दे गया और नगर परिषद को इसकी भनक तक नहीं लगी। शनिवार को सोशल मीडिया पर मामला उछला तो भाजपाइयों ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जारी कर दी है।
जिला बीजेपी अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने मामले में युवा कांग्रेस पर शक जाहिर किया है। ठाकुर ने कहा कि कुछ दिन पहले नगर परिषद के टाउन हाल में युवा कांग्रेस का एक सम्मेलन हुआ है।
ऐसा प्रतीत होता है कि युवा कांग्रेस में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने उद्घाटन पट्टिका से पूर्व मुख्यमंत्री का नाम मिटाया होगा। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है।
मेर ज्वाइन करने से पहले उद्घाटन पट्टिका से पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के साथ छेड़खानी हुई है। यह मामला पुराना है। पुलिस में केस दर्ज करवाया जाएगा। अपने स्तर पर भी मामले की जांच करवाई जाएगी।
- विनोद शर्मा, ईओ, नप हमीरपुर
उद्घाटन पट्टिका से पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के साथ छेड़खानी हुई है। आज ही मामले की जानकारी मिली है। उचित कार्रवाई की जाएगी।
- दीप कुमार बजाज, उपाध्यक्ष, नगर परिषद हमीरपुर