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रोजमर्रा की चीजें हुई महंगी, आम आदमी का जीना मुश्किल

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हमीरपुर। बढ़ती महंगाई से आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। निर्धन और मध्यवर्गीय परिवारों का घर का बजट बिगड़ गया है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम में वृद्धि से जनजीवन प्रभावित हुआ है। खाद्य वस्तुओं के दामों में एकाएक बढ़ोतरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू गैस सिलिंडर 965 रुपये की बजाय अब 1015 रुपये में मिलेगा। हाल ही में घरेलू गैस सिलिंडर में 50 रुपये की वृद्धि हुई है। पेट्रोल के दाम 94.33 प्रति लीटर से बढ़कर 95.91, डीजल 79.23 से बढ़कर 80.64 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। वहीं बाजार मेें हरी सब्जियों से लेकर मसालों के दाम में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे ग्राहक भी दुकानों से अतिरिक्त सामान खरीदने से परहेज कर रहे हैं।
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बीते सप्ताह खाद्य तेल 185 से 190 रुपये प्रति लीटर था, जो इस सप्ताह बढ़कर 200 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, डालडा 150 रुपये प्रति लीटर से 165 रुपये प्रति लीटर, रिफाइंड 150 से 170, मसालों में धनिया, जीरा के मूल्यों में 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। गर्मियां आते ही हरी सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। इनमें मटर 40 रुपये से 50 रुपये, गाजर 20 रुपये से 40 रुपये, लहसुन 60 रुपये से 70 रुपये, भिंड़ी 60 रुपये किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। हालांकि, आलू के दामों में हलकी गिरावट आई है। आलू के दाम 30 से कम होकर 20 रुपये किलो बिक रहे हैं। वहीं, प्याज 30 रुपये पर स्थिर है। वहीं, बाजार में सब्जियां खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर हो गया है। जहां पहले लोग दो-दो तीन किलो सब्जियां खरीदते थे, वे आज आधा किलो लेने में भी परहेज कर रहे हैं।
क्या कहते हैं लोग-
महंगाई के चलते दुकानों में कम आ रहे ग्राहक : नरेश
दुकानदार नरेश कुमार ने कहा कि जबसे तेल, रिफाइंड, डालडा घी महंगे हुए हैं, ग्राहक बहुत कम संख्या में दुकानों में आ रहे हैं। महंगाई के कारण सामन की बिक्री में कमी आई है।
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दाम बढ़ने पर कम ले जाते हैं सब्जी: संजीव
सब्जी विक्रेता संजीव बेदी का कहना है कि लोग रोजाना सब्जी ले जाते हैं। पहले तो एक साथ एक-एक दो किलो सब्जी खरीद कर ले जाते थे, लेकिन दाम बढ़ने से अब आधा किलो भी मुश्किल से खरीद रहे हैं।
तेल का खर्च निकलना भी हुआ मुश्किल: राकेश
निजी बस चालक राकेश कुमार का कहना है कि डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आमदन न के बराबर पहुंच चुकी है। 6 हजार का तेल बस के एक रूट में खर्च हो जाता है। सवारियां भी कम मिल रही हैं। इससे आय केवल 3 हजार रुपये ही हो पाती है। इससे बस का खर्च भी नहीं निकल पाता।
घरेलू गैस सिलिंडर के लगातार बढ़ रहे दाम : राणा
प्रीतम राणा का कहना है कि ढाबे में खाना बनाने के लिए उन्हें महंगा सिलेंडर खरीदने में काफी परेशानी हो रही है। पिछले महीने जहां कॉमर्शियल गैस सिलिंडर 2230 रुपये का पड़ता था। अब फिर से दाम बढ़ने से 50 रुपये और चुकाने पड़ेंगे। दुकान में ग्राहक भी कम आ रहे हैं, जिससे केवल दुकान का ही खर्च मुश्किल से निकल पाता है।
दिन में केवल 300 से 400 रुपये आमदन : सुरेंद्र
टैक्सी चालक सुरेंद्र राणा का कहना है कि पैट्रोल व डीजल के लगातार रेट बढ़ रहे हैं। पूरा दिन केवल एक दो लोकल रूट ही लग पाते हैं। इससे गाड़ी के तेल का खर्च भी निकालना मुश्किल हो रहा है। वहीं लोग भी टैक्सियों में सफर करने से परहेज कर रहे हैं। टैक्सी चालक दिन में 300 से 400 रुपये ही कमा रहे हैं।
रसोई का बिगड़ चुका है बजट
गृहणी बंदना कुमारी का कहना है कि पिछले कुछ समय से खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। घरेलू गैस सिलिंडर के दाम में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती महंगाई के कारण घर का बजट बिगड़ चुका है। सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए, ताकि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों की अच्छे से परवरिश कर सके और उन्हें अच्छी शिक्षा दिला सके।
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