हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में अब इलेक्ट्रानिक डिवाइस तकनीकी खराबी के बाद एक सप्ताह के भीतर बदलेंगे। आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और उपकरणों के शत-प्रतिशत प्रयोग को लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के तहत स्कूलों प्रमुखों को डिवाइस के खराब होने की स्थिति और कारण की संपूर्ण जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी के पास जमा करवानी होगी। इसके बाद समस्या के समाधान के लिए खंड स्तर से कर्मचारी डिवाइस को बदलने और मरम्मत का कार्य करेंगे। सरकारी स्कूलों में लंबे समय तक उपकरणों का प्रयोग न होने से विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही थी।
जिला स्तर पर उपनिदेशक कार्यालय से टीम ने जब स्कूलों का निरीक्षण किया तो दो दर्जन से अधिक स्कूलों में इलेक्ट्रानिक उपकरण बंद कमरों में शोपीस बने हुए थे। ऐसे में विभाग ने स्कूलों की मॉनीटरिंग के लिए अब नए सिरे से निर्देश दिए हैं। निर्देशों के तहत तकनीकी खराबी की सूचना न देने वाले स्कूल प्रमुखों से जवाब तलब किया जाएगा।
इसमें उन्हें उपकरणों के प्रयोग न होने का कारण स्पष्ट करना होगा। शिक्षकों को स्कूलों में उपकरणों के माध्यम से करवाई गई पढ़ाई की पीपीटी और वीडियो बनाकर भेजनी होगी। वर्तमान में स्कूलों में विभाग की ओर से आधुनिक शिक्षा देने के लिए आईटी लैबों में कंप्यूटर, संपर्क डिवाइसों व क्यान प्रोजेक्टर लगाए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किताबों के साथ ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा सके। वहीं, कई स्कूलों में शिक्षक पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के संदर्भ में उपकरणों को प्रयोग करने में लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में समस्या का समाधान करने के लिए स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी किए गए हैं।
कोट
स्कूल प्रमुखों को इलेक्ट्रानिक उपकरणों का शत-प्रतिशत प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को आधुनिक माध्यम से पढ़ाई करवाने के लिए उपकरण स्थापित किए गए हैं, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीकों के बारे में जागरूक किया जा सके।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्चत्तर शिक्षा विभाग, हमीरपुर