रंगस में सतत् मूल्यांकन के तहत आयोजित कार्यशाला में उपस्थित शिक्षक। स्रोत संस्थान
हमीरपुर। विद्यार्थियों के गुणों को सुधारने और उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करने को लेकर अध्यापकों को विशेष टिप्स दिए गए। अवसर था सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीई) विषय पर सोमवार को रंगस स्थित एक निजी होटल में शुरू हुई कार्यशाला का। इसका शुभारंभ जिला उपनिदेशक गुणवत्ता एवं नियंत्रण व जिला परियोजना अधिकारी नवीन कुमार ने किया।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब अध्यापक बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें। शिक्षा का लक्ष्य केवल पढ़ाई तक सीमित न होकर, बच्चों के व्यक्तित्व और मूल्यों को निखारना भी होना चाहिए। इस कार्यशाला में नादौन, गलोड़ और सुजानपुर खंड के 74 प्राथमिक स्कूलों के 354 अध्यापक भाग ले रहे हैं।
स्रोत व्यक्ति शैन्वी वर्मा और राहुल पांडे ने शिक्षकों को विद्यार्थियों के गुण सुधारने, सीखने की क्षमता बढ़ाने और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। जिला मूल्यांकन समन्वयक परमजीत डोगरा ने बताया कि कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण में तीन खंडों के अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि सितंबर माह में हमीरपुर, भोरंज और बिझड़ी खंड के प्राथमिक शिक्षकों को इसी तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।