हमीरपुर। 11 केवी लाइन के वीरवार शाम को तार जलने से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, जिला कोविड हेल्थ सेंटर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम को गुल हुई आपूर्ति शुक्रवार दोपहर को बहाल हुई।
इस कारण अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग में सबसे अधिक परेशानी हुई। यहां बिजली गुल हो जाने पर बैकअप नहीं है। शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे जब अमर उजाला की टीम रेडियोलॉजी विभाग पहुंची तो यहां एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। लोगों को बिजली आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
अमर उजाला की टीम ने जब वहां मौजूद लोगों से बातचीत की तो पता चला कि लोग एक घंटे से टेस्ट करवाने के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इनके टेस्ट नहीं हो रहे हैं। करीब 20 घंटों के बाद बिजली शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे बहाल हुई। हालांकि इस समय तक कई मरीज निजी लैबों में ही जांच करवाने के लिए चले गए। जबकि जो सरकारी में ही निशुल्क सेवाएं लेना चाहते थे, उन्हें तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ा। वहीं जिला कोविड केयर हेल्थ सेंटर आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में भी बिजली आपूर्ति ठप रही।
हालांकि यहां बैकअप होने के चलते वहां से व्यवस्था की गई। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग में बिजली गुल हो जाने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण अक्सर मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिजली उपमंडल-2 हमीरपुर के सहायक अभियंता अश्वनी कुमार पुरी ने कहा कि 11 केवी लाइन के तार जलने से समस्या पेश आई। अस्पताल और कोविड सेंटर सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली बंद हो गई थी। कर्मचारियों ने कड़ी मशक्त कर फाल्ट ढूंढ कर शुक्रवार दोपहर को सप्लाई सुचारु की। एमएस डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि अस्पताल के लिए जेनरेटर की मांग की गई है।
बिजली गुल होने से नहीं हुए टेस्ट : दुलुंभ
जोलसप्पड़ से अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचे दुलुंभ सिंह ने कहा कि उनकी बहु का टेस्ट करवाना है। पौने दस बजे से लैब के बाहर खड़े हैं, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण अभी तक टेस्ट नहीं हुआ। इस कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कॉलेज प्रबंधन करे बैकअप का प्रावधान: सोनू
हमीरपुर की सोनू ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए वह सुबह से कतार में लगी है, लेकिन दोपहर तक अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को यहां बिजली बैकअप की सुविधा देनी चाहिए, ताकि लोगों को ऐसे समय में परेशानी न हो।
आपातकाल में कहां जाए मरीज: रक्षा
एक्सरे करवाने आई चौरी की रक्षा ने कहा कि अगर किसी को आपातकालीन एक्सरे या अल्ट्रासाउंड करवाना हो तो वह कहां जाए। निजी लैबों में महंगे दामों पर ये टेस्ट होते हैं। ऐसे में गरीब लोगों को तो काफी समस्या है। सुबह से लैब के बाहर भीड़ लगी हुई है।
समय पर जांच न होने के कारण दिनचर्या हुई प्रभावित : रीतू
हमीरपुर की रीतू ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अगर बिजली होती तो समय पर जांच करवाकर अपने घर जातीं। घर के कार्य भी इस वजह से प्रभावित हुए हैं। जहां एक घंटे में जांच करवाकर घर जाना था, वहीं पूरा दिन लगा।