कूड़े रखने के लिए सरकारी बस में लगाया गया छोटा डस्टबीन। संवाद
हमीरपुर। सरकारी सहित निजी और टैक्सियों में 29 अप्रैल से कूड़े रखने के लिए छोटे डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। वहीं, एचआरटीसी की बसों में इन डस्टबिन के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
खास बात यह कि निगम ने यह डस्टबिन एयर फिल्टर को रिसाइकल कर बनाए हैं। रिसाइकल कर एयर फिल्टर को मोडिफाई कर लिया गया, लेकिन यह डस्टबीन इतने छोटे हैं कि इसमें बहुत कम मात्रा में कूड़ा आएगा। आठ से दस सवारियां यदि इसमें कूड़ा फेंकेंगीं तो यह भर जाएगा। वहीं, बसों में यह डस्टबिन पिछले दरबाजे के पास बांध कर रखे हैं। अब सवारी को किसी खाद्य सामग्री का रैपर यदि फेंकना होगा तो उसे पीछे आना होगा। वहीं, अधिकतर निजी बसों और टैक्सियों में छोटे कूड़ेदान नहीं रखे गए हैं।
गौर रहे कि छोटे कूड़ेदान नहीं होने पर जुर्माने का प्रावधान है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के तहत करीब 143 बसें हैं, इनमें छोटे डस्टबिन लगाए जा रहे हैं। कई यात्रियों की ओर से चीजे खाने के बाद बस में फेंक दी जाती हैं। एचआरटीसी प्रबंधन का दावा है कि इससे कूड़ा-कर्कट सही स्थान पर रखा जाएगा, जिससे यात्रियों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। यात्रियों में अमन, रमेश, सुमन आदि ने कहा कि बसों में रखा गया कूड़ेदान काफी छोटा है। निगम प्रबंधन को चाहिए बसों में आगे और पीछे दरवाजे के पास थोड़े बड़े कूड़ेदान रखे जाएं।
कोट
एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के तहत 143 बसें हैं। अधिकतर बसों में छोटे डस्टबिन लगाए जा चुके हैं। काफी यात्री इन छोटे कूड़ेदानों का प्रयोग कर रहे हैं। बसों के पुराने कंडम हो चुके कलपुर्जो को रिसाइकल कर यह बनाए गए है। बड़ी बसों में बड़े डस्टबिन लगाए गए है, जबकि छोटी बसों में छोटे लगाए गए हैं।
-राजकुमार पाठक, डीएम, एचआरटीसी मंडल, हमीरपुर