डॉ. सुरेंद्र डोगरा विवाह में परिजनों को पेड़ भेंट करते हुए। स्रोत :स्वयं
हमीरपुर। शादियों और सामाजिक समारोहों में गिफ्ट देने की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन पीएचसी जंगलबैरी में सेवाएं दे रहे चिकित्सक डॉ. सुरेंद्र डोगरा ने इसे एक नई दिशा दी है। डॉ. डोगरा ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल करते हुए शादियों में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों को गिफ्ट की बजाए पौधे देना शुरू किया है। उनकी इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।
डॉ. डोगरा शादियों में बरगद का पेड़ गिफ्ट में अधिक दे रहे हैं, क्योंकि यह पेड़ हर समय हरा-भरा रहता है। उनका मानना है कि जैसे बरगद का पेड़ हर समय हरा रहता है, वैसे ही दूल्हा-दुल्हन के जीवन में भी हरियाली और खुशहाली बनी रहे। इसके साथ ही, वे अन्य सामाजिक समारोहों में भी पीपल, नीम, और बिल के पौधे गिफ्ट में देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैला रहे हैं।
डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि उनका और उनके दोस्तों का एक निस्वार्थ भाव सेवा संगठन है। जब जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगीं, तो उन्होंने यह विचार किया कि क्यों न वे पौधरोपण की मुहिम शुरू करें। इस विचार को अमल में लाते हुए उन्होंने कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर समेत कई जगहों पर अब तक 500 के करीब पौधे शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों में उपहार के रूप में बांटे हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पास अभी भी 300 के करीब पौधे और हैं, जिन्हें वे जल्द ही बांटेंगे। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वे मानवता के धर्म का पालन करते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। डॉ. सुरेंद्र डोगरा ने कहा कि इस बार आग लगने से जंगलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सभी पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें।