आयुर्वेदिक चिकित्सकों की बैजवाइज भर्ती पर रोक लगाने का आयुर्वेदिक विकास मंच ने विरोध जताया है। प्रदेश सरकार ने बैजवाइज भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अब चिकित्सकों के पद पब्लिक सर्विस कमीशन के तहत भरे जाएंगे। इससे हिमाचल के चिकित्सक अपने हकों से वंचित रह जाएंगे।
पहले यह अनुपात 50 फीसदी था। 50 फीसदी पद पब्लिक सर्विस कमीशन तथा 50 फीसदी पद बैचवाइज कोटे से भरे जाते थे। सरकार के इस निर्णय से हिमाचल के चिकित्सकों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। मंच के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में करीब 300 पद आयुर्वेदिक चिकित्सकों के रिक्त चल रहे हैं।
बैचवाइज आधार पर इन पदों पर भर्ती किए जाने की चिकित्सकों को पूरी उम्मीद थी। कैबिनेट की ओर से बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया बंद करने से हिमाचल के चिकित्सकों के हकों के साथ खिलवाड़ हुआ है। अन्य राज्यों में बैचवाइज व पब्लिक सर्विस कमीशन से 50-50 फीसदी के अनुपात में पदों पर भर्ती की जाती है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट का यह निर्णय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो इसके विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी पत्र लिखा गया है। कहा कि इस फैसले से अन्य राज्यों के चिकित्सकों के लिए नौकरी के द्वार खुलेंगे। इस अवसर पर उनके साथ जिलाध्यक्ष डॉ. सोमदत्त शर्मा, महासचिव डॉ. दलजीत सिंह, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार, प्रताप सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।