रावमापा धनेटा में कॉलेज कक्षाएं शुरू करने को लेकर विवाद हो गया है। धनेटा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और कन्या हाई स्कूल धनेटा के एसएमसी सदस्यों ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है।
शिक्षा विभाग पर एसएमसी सदस्यों को विश्वास में न लेने का आरोप लगाया है। बाकायदा एसएमसी सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव भी पास किया। साथ ही चेतावनी दी है कि कॉलेज खोलने के लिए स्कूल छात्रों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
भले ही इसके लिए उन्हें आंदोलन करने को ही मजबूर क्यों न होना पड़े। धनेटा स्कूल में कॉलेज खोलने के तैयारी है। वहीं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धनेटा को कन्या हाई स्कूल धनेटा में स्थानांतरित किया जाएगा। साथ ही कन्या हाई स्कूल को बंद करने की तैयारी है।
इसके चलते कन्या हाई स्कूल की एसएमसी कमेटी की बैठक अध्यक्ष विपिन कुमार की अध्यक्षता में हुई। स्कूल को बंद करने के निर्णय पर कमेटी सदस्यों ने शिक्षा विभाग पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
बैठक में निंदा प्रस्ताव भी पास किया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन कॉलेज खोलने के लिए कन्या स्कूल को बंद कर रही है।
वहीं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धनेटा के एसएमसी प्रधान कमल दत्त शर्मा ने भी सरकार और शिक्षा विभाग के इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि विभाग और सरकार का निर्णय बेटियों को शिक्षा से वंचित करने वाला है।
उन्होंने कहा कि स्कूल के स्थानांतरण का आदेश क्यों जारी किया गया और इसके लिए एसएमसी कमेटियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि कॉलेज में 500 से अधिक विद्यार्थियों को पांच कमरों में पढ़ाने की व्यवस्था कैसे होगी।
पानी, शौचालय और बैठने की व्यवस्था कैसे की जाएगी। इस बारे में एसएमसी को विश्वास में क्यों नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में एसएमसी उच्चाधिकारियों से मिलकर जारी आदेशों पर पुर्नविचार करने के लिए आग्रह करेगी।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नरेश कुमार, अशोक, विजय, अरविंद, अश्वनी, संजय ने स्कूल स्थानांतरण और कन्या स्कूल को बंद करने का कड़ा विरोध किया है।