बारिश से कराड़ा पेयजल योजना में मटमैले पानी की सप्लाई शुरू हो गई है। इससे क्षेत्र में बीमारियों के फैलने का अंदेशा बना हुआ है। क्षेत्र के लोग कई बार आईपीएच विभाग से साफ पेयजल आपूर्ति को मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक विभाग को महज कोरे आश्वासन ही हाथ लगे हैं।
लोगों में नरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, अश्वनी कुमार, दिलीप कुमार, नरेश कुमार, राहुल, अभिनव, अशोक कुमार, सुमना देवी, कौशल्या देवी आदि का कहना है कि शुक्रवार को हुई बारिश के बाद नलों ने मिट्टी युक्त पानी की सप्लाई शुरू हो गई है। विभागीय कर्मचारियों को समस्या बारे अवगत भी करवाया गया, लेकिन कर्मचारी बारिश के कारण मिट्टीयुक्त पानी की सप्लाई होने का हवाला दे रहे हैं।
हैरत की बात है कि पानी की सप्लाई देने वाले अधिकतर कर्मचारियों के घरों में भी इस योजना से पानी की सप्लाई जाती है। बावजूद इसके कर्मचारी पेयजल भंडारण टैंकों की सफाई करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। पेयजल भंडारण टैंकों की अरसे से सफाई न होने से इनमें गाद भरी पड़ी है। इन्हीं टैंकों से भुराणा, कोट, कलंझड़ी, कराड़ा, कटियारा, सराहकड़, लोहारीं, ख्याह, सलोट, भरनांग, पनियाला, गरने दा गलू, बलौगणी और ब्रह्मणी सहित करीब 60 गांवों में पेयजल सप्लाई दी जा रही है। लोगों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि पेयजल भंडारण टैंकों की जल्द से जल्द सफाई करवाना सुनिश्चित करवाया जाए। जिससे लोगों को साफ पानी मुहैया हो सके।
उधर, आईपीएच विभाग के एक्सईएन विजय ढटवालिया का कहना है कि समस्या के समाधान को कर्मचारियों को आदेश दे दिए जाएंगे। जिससे क्षेत्र में साफ पेयजल की आपूर्ति हो सके।