हमीरपुर। उपमंडल नादौन के गौना गांव में फैले डायरिया के मामले में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में जल शक्ति विभाग की सप्लाई का पानी अशुद्ध पाया गया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि इस पानी की वजह से ही डायरिया फैला था।
इस गांव में एक साथ कई घरों के में लोग उल्टी, दस्त से पीड़ित पाए गए थे। पानी के पांच सैंपल में से तीन सैंपल की रिपोर्ट में पानी में अशुद्धियां मिली हैं। दो सैंपल की रिपोर्ट संतोषजनक है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब पूरे खंड से पानी के रेंडम सैंपल लिए जाएंगे।
गत दिनों गौना गांव में उल्टी, दस्त के करीब 15 मामले आए थे। स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग की ओर से पानी के सैंपल लिए गए थे। जल शक्ति विभाग की लैब में पानी के सैंपल की रिपोर्ट संतोषजनक थी। इन सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नल के पानी के पांच सैंपल लिए गए थे। यह सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर भेजे थे।
मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट के आधार पर तीन सैंपलों की रिपोर्ट में पानी की शुद्धता संदेहजनक है। अब पूरे खंड के पानी की जांच की जाएगी। हर दूसरे दिन चार सैंपल लिए जाएंगे। यह अभियान पूरे महीने भर चलेगा। इसके बाद सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर जल शक्ति विभाग से समन्वय किया जाएगा। बीते महीनों में खंड में लगातार उल्दी-दस्त के मामले आए हैं।
आईटीआई रैल में भी उल्टी, दस्त के 20 से अधिक मामले आए थे। इसके बाद गौना में आए उल्टी और दस्त के मामलों में जल शक्ति विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए जाने वाले पानी की शुद्धता भी संदेह के घेरे में हैं।
कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से पांच सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। पांच में से तीन सैंपल की रिपोर्ट में पानी की शुद्धता संदेहजनक है। दो सैंपल की रिपोर्ट संतोषजनक है। पूरे खंड में पानी के रेंडम सैंपल लिए जाएंगे। एक महीने तक अभियान चलाया जाएगा।
-डॉ. राजेश भारद्वाज, बीएमओ नादौन