टौणी देवी (हमीरपुर)। जिला हमीरपुर में एक बार फिर डायरिया ने दस्तक दे दी है। हमीरपुर के टौणी देवी क्षेत्र के पांच गांव डायरिया की चपेट में आ गए हैं। तीन लोगों को नागरिक अस्पताल टौणी देवी में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
गत माह इसी क्षेत्र में तीन दर्जन के करीब लोग डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान में 15 के करीब और मामले सामने आए हैं। हालांकि कुछ लोग निजी अस्पतालों में भी उपचार करवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी डायरिया फैलने की सूचना मिलते ही स्थिति पर नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार अलग-अलग टीमें बनाकर रविवार को इन गांवों में भेजी गई हैं। इन पैरामेडिकल कर्मचारियों ने लोगों को दवाइयां भी वितरित की हैं।
लोगों का आरोप है कि टौणी देवी क्षेत्रके गांवों में मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा है। इसी पानी को पीने के बाद लोगों उल्टी और दस्त शुरू हुए हैं। उधर, बीएमओ डॉक्टर अवनीत शर्मा की अगुवाई में रविवार को स्वास्थ्य विभाग के पैरा मेडिकल कर्मचारियों ने गांवों का दौरा किया। आशा वर्कर पूनम कुमारी, हेल्थ वर्कर राजकुमारी ने लोगों को ओआरएस का घोल और दवाइयां वितरित कीं।
विभाग लेगा सैंपल, इन गांव में पहुंची टीमें
स्वास्थ्य विभाग डायरिया प्रभावित गांवों से पानी के सैंपल भरेगा, जिन्हें जांच को भेजा जाएगा। रविवार को विभाग की टीमें गवारडू, टपरे, टौणी देवी, बारी मंदिर, छत्ररैल, चाहड़ वार्ड माहड़े, घलोट के गांवों में पहुंची और एक रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। अब यहां पानी के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पानी के पीने के बाद ही लोग डायरिया की चपेट में आए हैं या फिर कोई अन्य वजह है।
स्थिति नियंत्रण में है : डॉ. अवनीत शर्मा
बीएमओ डॉ. अवनीत शर्मा ने कहा कि लोगों से बात की गई है, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस स्थिति को डायरिया नहीं कहा जा सकता है। मरीज बेहद कम है और अलग-अलग गांवों से हैं। कर्मचारियों को गांव में भेजा गया है, जहां लोगों को दवाइयां वितरित की जा रही है।