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Hamirpur (Himachal) News: धर्मशाला नगर निगम के मेयर की कुर्सी खतरे में

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धर्मशाला नगर निगम के मेयर की कुर्सी खतरे में
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पूर्व में सुधीर के वोट से मिली थी जीत
सुधीर शर्मा का अब भाजपा से विधायक बनने के बाद निगम में सरगर्मियां तेज
भाजपा समर्थित 10 पार्षद, कांग्रेस समर्थित पार्षदों की संख्या है सात
प्रवीण प्रकाश कुमार
धर्मशाला। धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा की जीत के बाद अब नगर निगम धर्मशाला की महापौर की कुर्सी खतरे में है। 15 माह पहले सुधीर शर्मा कांग्रेस से विधायक थे, लेकिन अब वह भाजपा से विधायक हैं। इसके चलते नगर निगम में महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सुधीर शर्मा और वर्तमान में नगर निगम की मेयर नीनू शर्मा के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन को लेकर पूर्व में दोनों में तनातनी नजर में आती रही है। नगर निगम धर्मशाला में कुल 17 पार्षद हैं।
इसमें भाजपा के सात पार्षद और कांग्रेस के छह पार्षद शामिल हैं। भाजपा की पृष्ठभूमि वाले तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से भाजपा के पास 10 पार्षदों का आंकड़ा है। इसी तरह एक निर्दलीय के समर्थन के साथ कांग्रेस यहां सात के आंकड़े पर है। महापौर और उप-महापौर के चुनाव में स्थानीय विधायक को भी मतदान का अधिकार रहता है। धर्मशाला नगर निगम में महापौर और उपमहापौर का कार्यकाल ढाई-ढाई साल निर्धारित है। शुरू के ढाई साल धर्मशाला नगर निगम में भाजपा के ओंकार नैहरिया महापौर और सर्वचंद गलोटिया उपमहापौर रहे। इन दोनों का कार्यकाल पूरा होने पर दिसंबर 2023 में ही कांग्रेस समर्थित पार्षद नीनू शर्मा धर्मशाला नगर निगम की महापौर और भाजपा समर्थित तेजेंद्र कौर उपमहापौर चुनी गई हैं। चुनाव के समय भाजपा ने महापौर के पद के लिए मोनिका पठानिया और कांग्रेस ने नीनू शर्मा, जबकि उप महापौर के लिए भाजपा ने तेजेंद्र कौर और कांग्रेस ने अनुराग कुमार के नाम का प्रस्ताव दिया था। बहुमत के बावजूद भाजपा महापौर का चुनाव हार गईं। तब चुनाव में कांग्रेस से रहे विधायक सुधीर शर्मा के एक वोट के कारण कांग्रेस की नीनू शर्मा ने बाजी मारी थी। हालांकि दोनों को 9-9 वोट मिलने से फैसला पर्ची सिस्टम से हुआ था जबकि उपमहापौर के पद पर भाजपा की तेजेंद्र कौर ने सीधे मतों से जीत दर्ज की थी लेकिन विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत की गूंज अब नगर निगम धर्मशाला में भी सुनाई देगी। हालांकि, नीनू शर्मा को मेयर चुने हुए अभी छह माह का ही समय हुआ है लेकिन उनका एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आगामी समय में उनके खिलाफ किस तरह से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना है, इसे लेकर बिसात बिछना शुरू हो गई है।
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भाजपा नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए मैंने दिसंबर 2023 में मेयर का चुनाव लड़ा था लेकिन पर्ची सिस्टम से चुनाव हार गईं। अब अगर सभी पार्षदों की सहमति होगी और पार्टी नेतृत्व चाहेगा तो अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। -मोनिका पठानिया, पार्षद, वार्ड नंबर दो, नगर निगम धर्मशाला।
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नगर निगम धर्मशाला में भाजपा समर्थित पार्षदों ने मेरे साथ वर्तमान महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर चर्चा की है। भाजपा समर्थित सभी पार्षदों के समर्थन और सहमति से आने वाले समय में नगर निगम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेेगा। वर्तमान महापौर का एक साल का कार्यकाल कुछ महीने बाद पूरा हो रहा है। विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने वाले लंबे समय तक नहीं चलते, जनता उन्हें हटा देती है। मैं हमेशा धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के विकास का पक्षधर रहा हूं। -सुधीर शर्मा, विधायक, धर्मशाला विस क्षेत्र।
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