ज्येष्ठ रविवार को बाबा की नगरी दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। शनिवार रात को ही बाहरी राज्यों से श्रद्धालु दियोटसिद्ध पहुंच गए थे। सराय से लेकर साथ लगते सभी निजी होटल श्रद्धालुओं ने बुक कर लिए थे।
रविवार सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु बाबा बालकनाथ के दर्शनों के लिए लाइनों में लगना शुरू हो गए। मंदिर परिसर में सारा दिन श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने घंटों लाइनों में लकर बाबा बालकनाथ के दर्शन किए।
कोई लेटकर तो कोई घुटनों के बल बाबा के दर पहुंचा। बाबा के जयकारों से पूरा दियोटसिद्ध मंदिर गुंजायमान हो गया। मंदिर में माथा टेकने के लिए हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच थे।
महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से चबूतरे से ही बाबा के दर्शन किए। चबूतरे पर भी महिलाओं की खासी भीड़ दर्ज की गई। मंदिर में ठंडे पानी और लंगर की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में महिला एवं पुरुष होमागार्ड तैनात किए गए थे।
मंदिर न्यास अधिकारी ईश्वर दास ने बताया कि मंदिर में रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर शीश नवाया। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के पुख्ता प्रबंध किए थे।