हमीरपुर। प्रदेश डिपो संचालक समिति ने डिपो संचालकों की मांगों के समर्थन में बुधवार को गांधी चौक हमीरपुर में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में आए दिन बढ़ोतरी हो रही है और संक्रमण की चपेट में आने से चार डिपो संचालकों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक उनके आश्रितों को कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई।
अशोक कवि ने कहा कि जब राशन देने के लिए अन्य विकल्प भी हैं तो सरकार व विभाग डिपो संचालकों व उपभोक्ताओं की जान के साथ खिलवाड़ कर बायोमीट्रिक प्रणाली के माध्यम से राशन देने पर आतुर है। यह आदेश समझ से बाहर हैं। यदि डिपो संचालक उपभोक्ताओं को अन्य प्रणाली से भी राशन देते हैं तब भी मशीन में पूरा रिकॉर्ड रहता है कि किस उपभोक्ता को क्या राशन मिला। अधिकारी सही जानकारी नहीं जुटा पा रहे हैं। जिसकी वजह से सरकार भी सही निर्णय नहीं ले पा रही है। अशोक कवि ने कहा कि विभाग की ओर से दी गई पीओएस मशीनों में डाली गई सिमें अरसे से बंद पड़ी हैं।
उनके बिना बायोमीट्रिक प्रणाली से राशन वितरित करना संभव ही नहीं है। इस बारे में समिति ने संबंधित मंत्री को भी कई बार व्यक्तिगत तौर पर जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से अपनी मांगों के बारे में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था। कवि ने बताया कि प्रदेश के डिपो संचालकों को सरकार की ओर से न कोई वेतन दिया जाता है और न पेंशन। न ही डिपो संचालकों का कोई बीमा सरकार, खाद्य आपूर्ति विभाग व सहकारिता विभाग की ओर से किया गया है। इस महामारी के चलते यदि किसी डिपो संचालक की मौत हो जाती है तो उसके परिवार की जिम्मेदारी कौन लेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश के डिपो संचालकों को कोरोना योद्धा घोषित करके इनके बीमा की व्यवस्था करे।