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Hamirpur (Himachal) News: मझोट शिवा परियोजना में जिम्मेदारी को लेकर विभाग आमने-सामने, सूखे पौधों की जिम्मेदारी पर घमासान

Fri, 07 Aug 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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रंगस (हमीरपुर)। नादौन उपमंडल के मझोट क्लस्टर में करोड़ों रुपये की शिवा परियोजना अब जल शक्ति और उद्यान विभाग के बीच जिम्मेदारी तय करने के विवाद में उलझ गई है। दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के बीच किसान नुकसान झेल रहे हैं।
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जल शक्ति विभाग का कहना है कि चेक डैम पूरी तरह सुरक्षित है और जुलाई की बारिश में केवल निर्माणाधीन विंग वॉल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। विभाग के अनुसार बरसात के दौरान इसकी मरम्मत तकनीकी रूप से संभव नहीं है और सितंबर में एजेंसी अपने खर्चे पर विंग वॉल का निर्माण पूरा करेगी।
विभाग ने दावा किया कि मुख्य वितरण टैंक (एमडीटी) तक पानी की आपूर्ति लगातार जारी रही। वहीं, बगीचे तक पानी पहुंचाने और फेंसिंग की जिम्मेदारी उद्यान विभाग की है।
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उधर, उद्यान विभाग ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। विभाग का कहना है कि विंग वॉल भी डैम का हिस्सा है और इसके टूटने से ही फेंसिंग तबाह हुई, सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई तथा हजारों मौसंबी के पौधों को नुकसान पहुंचा।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस मामले में जल शक्ति विभाग को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन हर बार बरसात के बाद मरम्मत का आश्वासन ही मिला। फेंसिंग टूटने के बाद जंगली पशु बगीचे में घुस गए, जिससे बड़ी संख्या में पौधों को नुकसान पहुंचा।

5500 में से 70 फीसदी से अधिक पौधे सूखे
मझोट क्लस्टर में मार्च 2025 में शिवा परियोजना के तहत करीब 200 कनाल भूमि में 5500 मौसंबी के पौधे लगाए गए थे। किसानों का दावा है कि इनमें 70 प्रतिशत से अधिक पौधे सूख चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने विभागों के भरोसे अपनी उपजाऊ जमीन परियोजना के लिए दी, लेकिन अब न बाग बचा और न खेती की स्थिति रही। किसानों का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि चेक डैम टूटा या विंग वॉल, बल्कि यह है कि आखिर 70 प्रतिशत से अधिक पौधे क्यों सूख गए और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि करोड़ों रुपये की परियोजना का उद्देश्य और किसानों की उम्मीदें दोनों ही दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

कोट
चेक डैम पूरी तरह सुरक्षित है। केवल निर्माणाधीन विंग वॉल का हिस्सा जुलाई की बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ था। सितंबर में एजेंसी अपने खर्चे पर इसकी मरम्मत करेगी। मुख्य वितरण टैंक तक पानी की आपूर्ति लगातार होती रही है। फेंसिंग उद्यान विभाग के कार्यक्षेत्र का विषय है। -राहुल धीमान, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति मंडल नादौन

विंग वॉल क्षतिग्रस्त होने से ही फेंसिंग टूटी और सिंचाई प्रभावित हुई। इस संबंध में कई बार जल शक्ति विभाग को पत्र लिखे गए, लेकिन मरम्मत नहीं हुई। इसी कारण पौधों को भारी नुकसान पहुंचा। -डॉ. राजेश्वर परमार, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, हमीरपुर
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