हमीरपुर। सीएसडी कैंटीन हमीरपुर में कुछ समय से अजीब सा माहौल बन गया है। परिचितों और पहुंच वाले लोगों को प्रबंधक के कक्ष में सामान पहुंचाया जाता है। जबकि, जिन्होंने सालों तक देश की सरहदों पर सेवाएं देने वाले जवानों को दिनभर घंटों लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता है। पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नागरिकों को इस कुव्यवस्था का अधिक शिकार होना पड़ता है। हमीरपुर में नादौन रोड पर सैनिक निदेशालय की सबसे निचली मंजिल में सालों से सीएसडी कैंटीन चल रही है।
यहां से पूर्व सैनिक, विधवाएं और उनके आश्रित सामान लेते हैं। जिसमें ग्रोसरी के साथ ही अन्य सामान मिलता है। सेना के अधिकारी स्तर के लोगों को प्रबंधक के कक्ष में नीले रंग की विशेष टोकरी सजी रहती है, जब जाओ उठाओ और सामान ले आओ। लेकिन, सेना में अधिक जोखिम का कार्य करने वालों को यहां पर दिन भर लाइनों में खड़े रहना पड़ता है। कैंटीन इतनी तंग है कि यहां पर खड़े होना भी आसान नहीं है। धक्कामुक्की का काम दिनभर चला रहता है। ऊपर से पहुंच वाले और परिचितों की अधिक खातिरदारी हो रही है। जिसका कई पूर्व सैनिक विरोध भी कर चुके हैं। पूर्व सैनिक दिन भर लाइनों में खड़े होकर सामान लेते हैं तथा उसके बाद दो किलोमीटर दूर पैदल सामान उठाकर बस स्टैंड तक पहुंचना पड़ता है। कैंटीन के भीतर कार्ड के नवीनीकरण में भी परेशानी पेश आ रही है। जिसकी पहले भी लोग शिकायत कर चुके है। कैंटीन प्रबंधक मेजर (सेवानिवृत्त) पीसी खरियाल का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर है। कैंटीन में व्यवस्था को सुधारा जा रहा है।