अवाहदेवी में क्षतिग्रस्त डंगे के कारण बंद सड़क।
- फोटो : Hamirpur-HP
अवाहदेवी (हमीरपुर)। डंगा क्षतिग्रस्त होने के चलते बाईपास सड़क पिछले छह माह से बंद है। अब इसे स्थानीय लोगों ने डंपिंग साइट बना डाला है। जाम की स्थिति से बचने के लिए अवाहदेवी कस्बे में दो दशक पूर्व बाईपास का निर्माण करवाया गया था, लेकिन यह करीब छह माह से बंद है। इसके चलते यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में भारी बरसात के कारण बाईपास पर सड़क टूट गई थी, जिसकी अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई। इससे पहले भी कई बार मरम्मत के नाम पर इस बाईपास को बंद रखा गया।
कभी पेवर ब्लॉक लगाने के नाम पर तो कभी सीमेंट से पक्का करने के नाम पर यह मार्ग बंद रहा। जैसे ही गाड़ियों की आवाजाही शुरू हुई तो पेवर ब्लॉक जमीन में धंस गए थे। इस बाईपास सड़क की लंबाई महज 550 मीटर है और दो दशकों में इस सड़क पर कभी डंगे तो कभी पक्का करने के नाम पर सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन जो डंगे लगे थे और पेवर ब्लॉक डाले गए थे, उनका नामोनिशान ही मिट गया है। लोक निर्माण विभाग की इस कार्यप्रणाली से लोग खफा हैं। विभाग की इस विफलता का फायदा उठाते हुए लोगों ने अब इस स्थान पर कचरे का ढेर लगाना शुरू कर दिया है। उपमंडल समीरपुर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रतन चंद कौंडल ने कहा कि डंगे के लिए 38 लाख और बाईपास की मरम्मत के लिए 18 लाख रुपये के टेंडर हो चुके हैं, शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा।