गाजियाबाद में दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से आयोजित ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा के मंचन कार्यक
हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन यानी रिजीम चेंज के पैरोकारों को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों से मात देनी होगी। विदेशी प्रभाव वाली विचारधाराओं के लोगों को भारतीय लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रवाद पर ज्ञान देने से पहले देश की सांस्कृतिक विरासत को समझना चाहिए। वह बुधवार को गाजियाबाद में दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से आयोजित ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा के मंचन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगल सत्ता को चुनौती देकर हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प साकार किया। उनका साहस, त्याग और संघर्ष आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना शिवाजी महाराज के संकल्पों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि जाणता राजा जैसे महानाट्य युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ विध्वंसकारी शक्तियां और उनके सहयोगी भारत में अस्थिरता पैदा कर सत्ता परिवर्तन की कोशिशों में लगे हैं। उन्होंने ऐसी ताकतों को नव-मुगल, नव-तुर्क और नव-ब्रिटिश मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद विशाल बरगद की तरह है, जिसकी जड़ों को कोई शक्ति कमजोर नहीं कर सकती। अनुराग ठाकुर ने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए इन्हें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उदाहरण बताया। उन्होंने नागरिकों से शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपनाने और देश की एकता व अखंडता की रक्षा करने का आह्वान किया।