नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत भरमोटी पंचायत में रविवार को एक वृद्धा महिला की कोरोना से मौत हो गई। लेकिन एंबुलेंस की सुविधा न मिलने के कारण रविवार देर शाम तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। वृद्ध महिला 26 अप्रैल को रैपिड टेस्ट में संक्रमित पाई गई थी, जिसके कारण उसे नादौन से हमीरपुर रेफर कर दिया गया था। परंतु 29 अप्रैल को वृद्धा को दवाइयों की किट देकर वापस घर भेज दिया गया और रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी वृद्धा की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि उन्हें बताया गया कि वृद्धा अब ठीक है। इसलिए उसे वापस भेजा गया है। इसी दौरान वृद्धा के परिवार के दो और लोग संक्रमित पाए गए हैं। अब हैरानी जताई जा रही है कि यदि रैपिड टेस्ट में 70 वर्षीय वृद्धा संक्रमित पाई गई थी तो वह तीन दिन में ही ठीक कैसे हो गई, जिसे तीन दिन बाद ही घर भेज दिया गया। परिजनों ने कहा कि वृद्धा कुछ समय पूर्व ही दिल्ली से लौटी थी और उन्हें सांस में दिक्कत होने के कारण ही नादौन अस्पताल लाया गया था, जहां वह रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित पाई गई। रविवार को जब महिला की तबीयत बिगड़ी तो आशा वर्कर व मुख्य सेवक को इसकी जानकारी दी गई थी। पंचायत प्रधान निशा कुमारी ने कहा कि कोविड नियमों के तहत महिला का अंतिम संस्कार किया जाना है, लेकिन इस बारे में प्रशासन से बात करने पर पाया कि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते अब सोमवार को महिला का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं विभाग के मुख्य सेवक ने पुष्टि करते बताया कि वृद्धा नादौन अस्पताल में लिए सैंपल में संक्रमित पाई गई थी, जिसके कारण उसे हमीरपुर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि रविवार को परिजनों ने वृद्धा की गंभीर स्थिति बारे जानकारी नहीं दी। उधर, बीएमओ डॉ. अशोक कौशल ने बताया कि महिला का अंतिम संस्कार के लिए एसडीएम नादौन से बात चल रही है।
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