बिझड़ी (हमीरपुर)। कटी सब्जियों में विषाणु पैदा हो जाते हैं। इसलिए इन्हें ठीक सब्जियों के साथ नहीं रखना चाहिए। इन सब्जियों के विषाणु हानिकारक हो सकते हैं और बाकी सब्जियों को भी खराब करने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकते हैं। यह जानकारी बिझड़ी में फूड सेफ्टी विभाग की ओर से क्षेत्र के फूड आपरेटर्स के लिए आयोजित की गई फोसटेक ट्रेनिंग कार्यशाला में इंडियन सोसायटी आफ हेल्थकेयर प्रोफेशनल संस्था के प्रशिक्षक वीरेंद्र अवस्थी ने दी। उन्होंने कहा कि ढाबा और होटल संचालकों को हमेशा ग्राहकों को ताजा सलाद देना चाहिए। पुराना कटा हुआ सलाद खासकर प्याज विषैला हो जाता है। इससे फूड प्वॉयजनिंग हो सकती है। इस प्रशिक्षण में बिझड़ी, महारल, धंगोटा, गारली क्षेत्र के दुकानदारों ने भाग लिया।
प्रशिक्षक वीरेंद्र अवस्थी ने बताया कि गीले खाने को नंगे हाथों से नहीं छूना चाहिए। इसके लिए दस्तानों या टोंग का प्रयोग करना चाहिए। कच्चे और पके हुए खाने को अलग-अलग रखना चाहिए। कच्चा मास यदि बदबू दे, उसे कभी भी बेचना नहीं चाहिए। अंकुरित सब्जियों विशेषकर अंकुरित आलू का प्रयोग सब्जी बनाने में नहीं करना चाहिए। खाना और मिठाइयां बनाने वाले कारीगरों को अपना एप्रिन, डस्टर, हेड कैप लगा कर ही काम करना चाहिए। जहां तक संभव हो स्टील के बर्तनों में खाना बनाना चाहिए। कुकिंग आयल को दो बार गर्म करने के बाद प्रयोग में नहीं लाना चाहिए। पंचायत उप प्रधान संजय शर्मा ने संस्था के सदस्यों और असिस्टेंट कमिश्नर फूड एंड सेफ्टी अरुण चौहान का स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए धन्यवाद किया। सहायक आयुक्त जिला फूड एंड सेफ्टी अरुण चौहान ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में यह प्रशिक्षण विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से फूड आपरेटर्स को दिया जा रहा है। फूड सेफ्टी मानकों के तहत 25 फूड हेंडलरों पर एक व्यक्ति को यह प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण के बिना दुकानदारी करने वालों पर आने वाले समय में कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।