हमीरपुर। राखी के पिछले दिन रविवार को भी जिले के बाजार सूने रहे। उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने शनिवार को आदेश जारी किए थे कि राखी के त्योहार को देखते हुए रविवार को भी जिलाभर में दुकानें खुली रहेंगी। लेकिन, यातायात के अभाव और कोरोना वायरस के डर के कारण इक्का दक्का लोग ही बाजार पहुंचे। जिला मुख्यालय में राखी के लिए सजाई गई दुकानों में कोई रौनक देखने को नहीं मिली। वहीं, कुछ महिलाएं अपने मायके जाने के लिए बसों का इंतजार करतीं रहीं, लेकिन निगम की बस सुविधा न होने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, कुछ निजी बसें भी चलीं थी, लेकिन उनके लिए लंबा इंतजार लोगों को करना पड़ा।
कोरोना वायरस के डर के कारण लोग घरों में ही रहे। कुछ महिलाओं ने डाक के माध्यम से राखी अपने भाइयों तक पहुंचाई, तो कुछ महिलाएं पहले ही जाकर राखी दें आईं हैं। दुकानदारों में मुनीष कुमार, राजीव कुमार, राजेश शर्मा, कर्मचंद आदि ने कहा कि रविवार को दुकानें खोलने का कोई लाभ नहीं हुआ। बाजार में केवल इक्का-दुक्का ही लोग पहुंचे। वहीं, महिलाओं नीतू कुमारी, कमला देवी, अर्चना कुमारी, रंजना शर्मा आदि ने कहा कि रविवार को बस सुविधा न होने के कारण वे राखियां खरीदने बाजार नहीं जा पाईं। अधिकतर महिलाएं राखी के पिछले दिन ही मायके चली जाती हैं, लेकिन इस बार बस सुविधा न होने के कारण वे नहीं जा पाईं। वहीं, क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि सवारियां न होने के कारण रविवार को केवल दो अंतर जिला रूटों में ही बसें चलाई जाती हैं। सोमवार को रोजाना की तरह 55 रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। सोमवार को महिलाओं के लिए यात्रा निशुल्क रहेगी।