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दो दिन बंद रहेगा बाजार: शुक्रवार को ही जरूरी खरीददारी कर गए ग्राहक, बसों में उमड़ी भीड़

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दो दिन बंद होने के चलते शुक्रवार को हमीरपुर बाजार में उमड़ी भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। सप्ताह के अंतिम दो दिन बाजार बंद रहने के आदेशों के चलते शुक्रवार को जिला मुख्यालय हमीरपुर में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान लोग दो दिन की खरीदारी शुक्रवार को ही कर गए। वहीं, बसों में भी शुक्रवार को भीड़ उमड़ी।
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जिन रूटों पर निगम की या निजी महज एक बस है, वहां लोगों को आवाजाही के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, ऐसे रूटों पर बसें खचाखच भरी हुई गई। यात्री सीटों के अलावा खड़े होकर भी सफर करते नजर आए । अमर उजाला की टीम ने जब बस अड्डा हमीरपुर पर जाकर लोगों से बातचीत की तो पाया कि कई लोग बस अड्डे पर घंटों बैठने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें उनके गंतव्य के लिए बसें नहीं मिल रही हैं।
समय 10 : 42 बजे बस अड्डे पर भीड़ नहीं है। अधिकतर बैंच पर दो से ज्यादा लोग नहीं बैठे हैं, लेकिन दोपहर होते ही बाजार से खरीदारी कर निकले लोगों की एकाएक भीड़ बस अड्डा पर जमा होने लग गई। दोपहर 1:27 मिनट पर बस अड्डा के सभी बैंच फुल हो गए और कई यात्री खड़े होकर बसों का इंतजार कर रहे हैं।
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1: 28 मिनट पर बस अड्डे पर बैठे व्यक्ति से जब टीम ने बात की तो पाया कि वे एक घंटे से वहां पर हैं और उन्हें बस नहीं मिल रही है। 1: 41 मिनट पर बस अड्डा यात्रियों से भर गया है। इनमें से अधिकतर यात्री लोकल थे और खरीदारी कर घरों की ओर जाने वाले हैं। वहीं एक निजी बस आती है जिसमें सवारियां खचाखच भरी हैं। इसमें सीटों के अलावा खड़े होकर भी यात्री सवार हैं। सुबह के समय हमीरपुर आने वाली और शाम के समय रूटों पर जाने वाली बसों में अधिकतर भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में 50 फीसदी यात्रियों के नियमों का भी पालन नहीं हो रहा है। एचआरटीसी हमीरपुर के डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि पहले के मुकाबले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। 50 फीसदी यात्रियों के साथ ही बस ले जाने के आदेश हैं, लेकिन कई बार यात्री भी इस आदेश को नहीं मान रहे हैं। इस बारे उनके पास पूर्व में भी शिकायत आई है।
क्या कहते हैं यात्री-
एक घंटा इंतजार के बावजूद नहीं मिली बस : प्रेम
प्रेमचंद ने कहा कि उन्हें बिलासपुर जाना है, लेकिन एक घंटे से बस अड्डा हमीरपुर पर बैठकर इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूटों पर बसें कम होने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रूटों पर महज एक और दो बसें हैं, जिस कारण बसों में काफी भीड़ भी हो रही है। उन्होंने बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
पचास फीसदी क्षमता का नहीं हो रहा पालन : नरेश
नरेश कुमार ने कहा कि उन्हें शिमला जाना है। बसों में पचास फीसदी क्षमता का पालन नहीं हो रहा है। निजी बसों में तो सवारियां भर-भर कर ले जा रहे हैं। इससे कोरोना का ज्यादा खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में बसों में सफर करने को भी डर लग रहा है। जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं करवाया जाएगा, तब तक कोरोना का डर बना रहेगा।
एक बस के बाद दूसरी बस बहुत देरी से जा रही : रिषभ
रिषभ ने कहा कि कहा कि वे सरकाघाट जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न ही सरकारी न ही निजी बसों में नियमों का पालन हो रहा है। घंटों बस का इंतजार करने के बाद बसें मिल रही हैं। रूटों पर बसों के समय का अंतर ज्यादा होने के कारण बस में ज्यादा भीड़ हो रही है। इससे संक्रमण का खतरा भी है।
पिछले स्टॉप से ही भरकर आ रही बसें: सतीश
सतीश ठाकुर ने कहा कि हर कर्मी के पास अपना वाहन नहीं है। एक रूट पर एक ही बस चल रही है। जो पीछे से ही भरी आती है। इसलिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निगम को अब बसें अधिक मात्रा में चलानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
लोकल सवारियों को नहीं बैठा रहे बस ऑपरेटर : सुनीता
सुनीता ने कहा कि लोकल सवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर निजी बसों में दूर की सवारियों को ही बैठाया जा रहा है। जिस कारण लोकल जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजी बसों में नियमों की खूब अवहेलना हो रही है।

Crowd gathered in markets and buses- फोटो : Hamirpur-HP

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