चरस रखने के दोषी को जिला एवं सत्र न्यायालय हमीरपुर के न्यायाधीश भूपेश शर्मा ने पांच साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
मामले की छानबीन सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र धीमान ने की जबकि मामले की पैरवी जिला न्यायवादी अशोक धीमान ने की। सरकार की ओर से मामले में 10 गवाह पेश किए गए जबकि बचाव पक्ष में दो गवाह कोर्ट में पेश हुए।
जिला न्यायवादी अशोक धीमान के अनुसार सदर थाना पुलिस 20 नवंबर 2013 को गसोता में गश्त पर थी। इस दौरान संजीव कुमार उर्फ बंटू निवासी गसोता पैदल सड़क पर जा रहा था। पुलिस टीम को देख संजीव खेतों की तरफ भाग गया।
पुलिस ने संदेह के आधार पर संजीव का पीछा किया। पकड़े जाने पर पुलिस ने संजीव की तलाशी ली तो उसकी जेब से 325 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला न्यायालय पहुंचा। मंगलवार को न्यायाधीश भूपेश शर्मा की अदालत ने संजीव कुमार को दोषी करार देते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा।