स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के तीन बड़े अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। एसीजेएम कोर्ट हमीरपुर के आदेश पर पुलिस थाना सदर में बैंक के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 383, 120 बी के तहत मामला दर्ज हुआ है।
शिकायत करने वाली महिला इंडस्ट्रीयल एरिया डुग्घा हमीरपुर की रहने वाली है। शिकायतकर्ता प्रवीण रानी पत्नी अशोक कुमार ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की वर्ष 1987-88 से ग्राहक हैै।
महिला ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2015 में भारत सरकार की योजना के तहत मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के तहत प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया। योजना के तहत कुल रकम के 32 फीसदी पर सात से आठ वर्ष तक बिना ब्याज के ऋण दिए जाने का प्रावधान है।
योजना के तहत महिला ने उद्योग विभाग से 2.13 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करना था। इस प्रोजेक्ट के लिए महिला ने हमीरपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में ऋण के लिए आवेदन किया।
बैंक के अधिकारियों के निर्देशानुसार महिला ने लोन की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन महिला को ऋण नहीं मिला। इससे महिला को मानसिक तौर और आर्थिक तौर पर परेशानी उठानी पड़ी। महिला ने कई बार बैंक अधिकारियों के चक्कर काटे लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया। अंत में महिला ने हमीरपुर कोर्ट में बैंक के तीन बड़े अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
महिला ने मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए बैंक लोन के लिए आवेदन किया था। बैंक ने प्रोजेक्ट के लिए एक करोड़ का लोन मंजूर किया। इसके बाद महिला को किस्तों में 42 लाख रुपये जारी किए। बैंक ऋण देने के बाद देखता है कि लोन का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। जब महिला से बिल मांगे गए तो उन्होंने महज 31 लाख रुपये के बिल मुहैया करवाए। बिल उपलब्ध करवाने के बाद शेष लोन भी शीघ्र उपलब्ध करवाया जाएगा।
- शक्ति चंद, मुख्य प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, हमीरपुर