हमीरपुर।
नगर परिषद हमीरपुर के खिलाफ पुलिस में वित्तीय अनियमितता का दूसरा मामला दर्ज कर लिया है। इससे नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने हिमाचल प्रदेश प्रिवेंशन ऑफ स्पेसेफिक क्रप्ट प्रेक्टिस एक्ट-1983 के तहत नगर परिषद के खिलाफ केस दर्ज किया है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए 9 मई को नप ने बिना टेंडर, चहेते को दे दिया रास्ते का काम, पुलिस में शिकायत शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आते हुए पुलिस ने अब केस दर्ज कर लिया है।
इससे पहले पुलिस ने वर्ष 2017 में एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर नगर परिषद पर एक अन्य मामले में भी केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि नगर परिषद ने वर्ष 2013-14 में बिना टेंडर एक वार्ड में रास्ते को पक्का करवाने और कंकरीट का कार्य करवा दिया।
इस मामले की तत्कालीन एसडीएम ने भी जांच की थी। उस वक्त पुलिस में मामला दर्ज नहीं हो पाया था। पुलिस ने इस मामले के बारे में तत्कालीन पार्षदों से भी पूछताछ की है। इनमें से कुछ पार्षद जिनके इस घपले में शामिल होने की आशंका है, से पुलिस ने पूछताछ की है।
पुलिस ने जांच रिपोर्ट और अपनी 15 दिनों की प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में वित्तीय धांधली पाई और केस दर्ज कर लिया है। अब नप के कुछ पार्षदों और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। इस संबंध में एसएचओ डॉ. आकृति शर्मा का कहना है कि पुलिस ने अपने स्तर की जांच में भी मामले में वित्तीय अनियमितताएं पाई हैं। वहीं एसपी रमन कुमार मीणा का कहना है कि मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।