हमीरपुर। शहर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में हमीरपुर में एनआईटी की ओर से वैज्ञानिक पहल होने जा रही है। हमीरपुर शहर का क्राइम प्रिवेंशन ऑडिट कराया जाएगा, जिसके तहत अपराध की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया जाएगा।
यह ऑडिट एनआईटी हमीरपुर के वास्तुकला विभाग के विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, जिसमें सूचना साझाकरण विश्लेषण केंद्र की विशेष टीम तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। हमीरपुर शहर के ऑडिट से पहले वास्तुकला विभाग एनआईटी परिसर में इस ऑडिट को करेगा।
क्राइम प्रिवेंशन ऑडिट के दौरान शहर की भौगोलिक संरचना, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों, बस स्टैंड, पार्किंग, अंधेरे व सुनसान स्थानों, सीसीटीवी कवरेज और रोशनी व्यवस्था का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर यह तय होगा कि किन इलाकों में अपराध की संभावना अधिक है और वहां सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
इससे पहले दिल्ली के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों में इसी तरह का क्राइम प्रिवेंशन ऑडिट के सूचना साझाकरण विश्लेषण केंद्र के सहयोग से किया जा चुका है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अपराध में कमी आने के साथ-साथ शहरी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में भी मदद मिली है।
अब उसी मॉडल को अपनाते हुए हमीरपुर को भी सुरक्षित शहर के रूप में विकसित करने की योजना है। वास्तुकला विभाग के एचओडी डॉ. अश्वनी कुमार, सहायक प्राध्यापक वेणु श्री ने कहा कि सूचना साझाकरण विश्लेषण केंद्र के सहयोग से पहले संस्थान परिसर और फिर हमीरपुर शहर में यह ऑडिट किया जाएगा।
महिलाओं और छात्राओं पर विशेष फोकस
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं के लिए सेफ पैसेज तैयार करना है। ऑडिट के माध्यम से उन रास्तों और क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां महिलाओं को आवाजाही के दौरान असुरक्षा महसूस होती है। रिपोर्ट के आधार पर वहां प्रकाश व्यवस्था, निगरानी, सड़क डिज़ाइन और पुलिस पेट्रोलिंग जैसे सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
रिपोर्ट के आधार पर होंगे ठोस कदम
क्राइम प्रिवेंशन ऑडिट के बाद तैयार होने वाली विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन और पुलिस के लिए रोडमैप का काम करेगी। इसके जरिए शहरी नियोजन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल हमीरपुर को न केवल सुरक्षित बल्कि संवेदनशील और आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
कोट
एनआईटी हमीरपुर की ओर से सामाजिक जिम्मेवारी के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। इस कार्य का लक्ष्य भी शहर को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम होगा।
-डॉ. अर्चना नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर