हमीरपुर। जिलेभर 406 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल नौनिहालों की शैक्षणिक नींव मजबूत होगी। नौनिहालों को पढ़ाई में निपुण बनाने व उनके पंचकोषीय विकास के लिए स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
गतिविधियों का आयोजन विशेष रूप से वार्षिक परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षाओं के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। स्कूलों में जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर की टीम प्रत्येक सप्ताह स्कूलों में मॉनिटरिंग करेगी।
मॉनिटरिंग के दौरान विद्यार्थियों के लिखित एवं मौखिक टेस्ट लिए जाएंगे। टेस्ट में विद्यार्थियों की समझ, भाषा कौशल और बौद्धिक विकास को परखा जाएगा, ताकि समय रहते पढ़ाई में आवश्यक सुधार किए जा सकें। सर्वे के साथ विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विकास को सुनिश्चित करने के लिए अभिभावक और अध्यापक स्कूल स्तर पर ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में भाषा, गणित के खेल स्टॉल, किड्स कॉर्नर व पठ्न सामग्री को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि परीक्षाओं के साथ पहली कक्षा में दाखिले के दौरान नौनिहालों को पाठ्यक्रम पढ़ने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में नौनिहालों के आधार मजबूत करने के लिए गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। आगामी सत्र के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
-नवीन कुमार, उपनिदेशक गुणवत्ता नियंत्रक एवं डीपीओ समग्र शिक्षा