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अवैध कटान : वन विभाग ने रोका कटाई का कार्य

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हमीरपुर। वन विभाग हमीरपुर ने उपमंडल भोरंज के सधरियाण में बिना अनुमति खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने के मामले की जांच आरंभ कर दी है। वन विभाग ने पंजीकृत ठेकेदार के दूसरी साइटों पर स्वीकृत कटान के सभी कार्य रोक दिए हैं। जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित ठेकेदार जिले में कहीं भी कटान कार्य नहीं कर पाएगा। वन विभाग के अधिकारी अब ठेकेदार का लाइसेंस सस्पेंड करने की तैयारी में हैं।
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वन विभाग का कहना है कि तहसीलदार और वन विभाग की मौजूदगी में पेड़ों के कटान को लेकर निशानदेही का कार्य पूरा किया गया था। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद केवल 98 खैर के पड़ों को काटने की मंजूरी दी गई थी तो संबंधित ठेकेदार ने अपनी मर्जी से 195 पेड़ कैसे काट दिए।
उधर, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने भी मामले की जांच तेज कर दी है। विजिलेंस की टीमें वन विभाग, राजस्व और भूमि मालिकों से लेकर ठेकेदार से लगातार पूछताछ कर रही हैं। वन वीट भोरंज क्षेत्र के अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। चूंकि वन विभाग के अधिकारियों को इस मामले की भनक कैसे नहीं लगी और अगर सूचना मिली थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस तरह के तमाम सवाल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। विजिलेंस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी कर शीघ्र न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।
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डीएफओ हमीरपुर डॉ. एलसी वंदना ने कहा कि वन विभाग और विजिलेंस ने मिलकर ही भोरंज के सधरियाण में अवैध कटान का मामला पकड़ा है। एसीएफ स्तर के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं संबंधित ठेकेदार को अन्य जगह कटान की मिली परमिशन को भी रोक दिया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं होती ठेकेदार कटान नहीं करेगा।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर के डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि भोरंज के सधरियाण में ठेकेदार ने निजी भूमि से 195 खैर के पेड़ों को जड़ों सहित उखाड़ फेंका है। खैर के सारे मोछे जब्त कर लिए गए हैं। ठेकेदार और वन विभाग के कर्मचारियों से इस मामले में पूछताछ जारी है। भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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