निगम के हमीरपुर डिपो में एचआरटीसी के नए और पुराने बस रूटों पर ब्रेक लग गई है। निजी बस ऑपरेटरों के अपील पर न्यायालय ने परिवहन विभाग को एचआरटीसी बसों के लिए नए रूट न देने के आदेश दिए हैं। साथ ही, निगम प्रबंधन को पुराने रूटों को भी बहाल न करने के आदेश दिए हैं। हाल ही में निगम की ओर से बहाल किए 14 रूटों के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने विरोध किया। यहां तक कि निजी बस ऑपरेटरों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटा लिया।
हमीरपुर डिपो में कुल 143 सरकारी बसें हैं। ये बसें 126 रूटों पर दौड़ रही हैं। इनमें 28 लांग और 98 लोकल रूट शामिल हैं। हाल ही में निगम प्रबंधन ने 14 नए बस रूटों पर बसें दौड़ाई हैं। नए सरकारी बस रूटों का निजी बस ऑपरेटरों ने कड़ा विरोध किया है।
निजी बस ऑपरेटर यूनियन हमीरपुर का आरोप है कि अधिकतर सरकारी बसों के रूट निजी बसों से तीन से पांच मिनट पहले है। हाल ही में निगम ने 14 नए बस रूट शुरू किए हैं। इनमें भी कुछेक रूट निजी बसों के साथ हैं। इसके चलते निजी बस ऑपरेटरों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा और बस रूटों को बंद करने की अपील की है। निजी बस ऑपरेटरों की अपील के चलते न्यायालय ने एचआरटीसी बसों के नए रूट बंद कर दिए हैं। वहीं, पुराने बंद पड़े रूटों पर भी दोबारा बसें न चलाने के आदेश दिए हैं।
राजनीतिक दबाव में ऑपरेटरों को करते हैं परेशान
निजी बस ऑपरेटरों का आरोप है कि निगम प्रबंधन राजनीतिक दबाव के चलते बस ऑपरेटरों को परेशान करते हैं। बस ऑपरेटर विजय कुमार की मानें तो हमीरपुर से सुजानपुर रूट पर उनकी निजी बसों के साथ सरकारी बस रूट शुरू कर दिए हैं। इसके चलते उन्होंने फरवरी माह में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके चलते न्यायालय ने इस रूट पर भी सरकारी बसों के नए रूट पर प्रतिबंध लगा दिया।
निजी बस ऑपरेटरों की अपील के चलते न्यायालय ने नए और बंद पड़े रूटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध हटने के बाद ही नए और बंद पड़े पुराने रूटों पर निगम बसें चला सकता है।
- प्रदीप कुमार, आरएम, हमीरपुर