जाहू (हमीरपुर)। अनुबंध से नियमित टीजीटी कर्मचारी संगठन ने प्रदेश सरकार से 2008 से 2009 तक लगे टीजीटी अध्यापकों को पुराने आरएंडपी नियमों के तहत उच्च न्यायालय के फैसले को लागू करने मांग की है। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों को पूरा करवाने के लिए टीजीटी अध्यापकों का प्रतिनिधिमंडल शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिलकर इस संदर्भ में अवगत करवाएगा।
हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल के तहत आने वाली ग्रीन वैली वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाहू में अनुबंध से नियमित हुए प्रदेश के टीजीटी अध्यापकों की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विज्ञान अध्यापक संघ नरेंद्र ठाकुर और कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, ऊना, कुल्लू, सोलन, शिमला, चंबा, सिरमौर जिला के करीब 85 अध्यापकों ने भाग लिया। करीब छह घंटे चली इस बैठक में सभी अध्यापकों ने अनुबंध कार्यकाल में हुई उपेक्षा के बारे में रोष प्रकट किया कि पिछले 12 वर्षों से वे प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। विज्ञान अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर और कुलदीप सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने एलपीए 54 के तहत अगस्त 2019 में वर्ष 2008 से 2009 तक अनुबंध पर लगे टीजीटी अध्यापकों को उनकी प्रथम नियुक्ति से समस्त लाभ देने के शिक्षा विभाग और सरकार को आदेश दिए हैं, क्योंकि सभी टीजीटी अध्यापक इस कार्यकाल में 22 अक्तूबर 2009 में बने आरएंडपी नियमों से पहले नियुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों के बारे में शिक्षा विभाग के निदेशक और सरकार को अवगत करवा दिया गया है। कांग्रेस सरकार से कार्यकाल में भी इस वर्ग से अन्याय किया गया है। सभी अध्यापकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि न्यायालय के आदेशों को पूरा करके उपेक्षित अध्यापक वर्ग को न्याय प्रदान किया जाए। बैठक में एनपीएस संगठन प्रदेशाध्यक्ष सीमा चौहान, विजय कुमार, प्रीत चौहान, पवन रांगड़ा, अनिल भारद्वाज, सतीश कुमार, राजेश कुमार, नीरज, लुद्दर दत्त, प्रधानाचार्य आज्ञा दत्त शर्मा, पवन कुमार, सोम दत्त शर्मा, मनोज ठाकुर, विनय कुमार, प्रदीप, रजत कुमार, संजीव कुमार, सुधीर, राकेश पटियाल, देवेंद्र सिंह, विनोद कुमार और अन्य अध्यापक उपस्थित रहे।