नादौन। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने सरकार पर निराशाजनक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि विद्युत कर्मचारी कोरोना महामारी में दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि अब तक पूरे प्रदेश में कई कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं और 6 कर्मचारियों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई है। इसमें एक 23 साल का जूनियर टी-मेट भी शामिल है जिसकी अभी 2 साल ही नौकरी हुई थी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से बिजली कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने और प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करवाने की मांग की है। खरवाड़ा ने कोरोना संक्रमण से मारे जा रहे कर्मचारियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की बीमा राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बिजली बोर्ड कर्मचारियों को कोराना वॉरियर घोषित किया है। वहीं, हरियाणा में बिजली कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण के लिए बिजली कार्यालयों में कैंप लगाए जा रहे हैं और कोई भी कर्मचारी चाहे नियमित, आउटसोर्स या अनुबंध पर हो संक्रमित होने पर इलाज सरकार करवा रही है, 50 हजार रुपये की अग्रिम राशि उपचार के लिए स्वीकृत की जा रही है। खरवाड़ा ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने 26 अप्रैल को 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के बिजली कर्मचारियों को कैंपों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करवाने के लिए राज्य सरकारों को आदेश जारी किए हैं। खरवाड़ा ने कहा कि अगर बिजली कर्मचारी और अधिकारी अधिक संख्या में कोरोना से संक्रमित होते हैं तो इसका सीधा प्रभाव विद्युत आपूर्ति पर पड़ेगा।