हमीरपुर। कोरोना कर्फ्यू के कारण सब्जी विक्रेताओं को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्राहक न होने से दुकानदारों की अधिकतर सब्जियां सड़ने लग पड़ी हैं। दुकानदारों का 90 फीसदी कार्य प्रभावित हो गया है। दुकानदारों को सब्जी मंडी से सामान लाने की लागत भी वसूल नहीं हो रही है।
कर्फ्यू के दूसरे दिन शनिवार को भी हमीरपुर में बहुत कम लोग सब्जियां आदि खरीदने निकले। जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। गर्मियों के मौसम में सब्जियां आदि जल्द मुरझा जाती हैं। ऐसे में दुकानदारों की सब्जियां खराब हो रही हैं। सरकार ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण प्रदेशभर में 10 दिन का कोरोना कर्फ्यू लगाया है। ऐसे में सब्जियों, किराना, ढाबों आदि को खुला रखा गया है, लेकिन ग्राहक न होने के कारण इन सभी दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। आर्थिक नुकसान के चलते दुकानदारों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों को आर्थिक राहत पहुंचाए सरकार : बबलू
दुकानदार बबलू ने कहा कि 70 से 80 फीसदी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्राहक न होने के कारण सब्जियां सड़ रही हैं। कोरोना कर्फ्यू के कारण बहुत नुकसान हो रहा है। सरकार गरीब तबके के लोगों को आर्थिक राहत पहुंचाए, ताकि उनका गुजारा हो सके।
दो दिन में 20 किलोग्राम सब्जी भी नहीं बिक रही : शिव
सब्जी विक्रेता शिव कुमार ने कहा कि दो दिन में 20 किलोग्राम सब्जी भी नहीं बिक पा रही। पूर्व में एक दिन में 50 से 60 किलोग्राम के करीब सब्जी बिक जाती थी। अब गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है। अगर लॉकडाउन लगाना है तो सप्ताह में दो दिन लगा दें, ताकि सभी वर्गों को राहत मिल सके।
10 रुपये किलोग्राम के हिसाब से बेचने पड़ रहा टमाटर : मदन
दुकानदार मदन कुमार ने कहा कि एक सप्ताह पहले जो टमाटर 40 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे थे, आज वह 10 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं। बिक्री न होने के कारण सब्जियां सड़ने लगी हैं और जितने में खरीद की गई है, उससे भी कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है।
जीवनयापन करना हुआ बहुत मुश्किल : चोपड़ा
दुकानदार कुलदीप चोपड़ा ने कहा कि एक तरफ कोरोना की मार तो दूसरी ओर आर्थिक परेशानी। गरीब लोगों को अपना जीवनयापन करना बहुत मुश्किल हो गया है। 90 फीसदी बिक्री बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार कम से कम बिजली के बिल ही माफ कर दे।