हमीरपुर। जिला एवं सत्र और विशेष न्यायाधीश पंकज शर्मा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
वहीं, जुर्माना अदा न करने पर एक साल का साधारण कारावास भी भुगतना होगा। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
महिला थाना हमीरपुर में दर्ज अभियोजन के अनुसार 25 सितंबर 2024 को पीड़िता सामान लेने के लिए दुकान गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे अपने स्कूटर पर बैठाया और पास के जंगल में ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। वारदात के वक्त नाबालिग पीड़िता की उम्र 15 साल कुछ माह थी, जबकि आरोपी की उम्र 26 वर्ष थी।
पीड़िता ने अपने परिजनों को वारदात के बारे में बताया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत में 26 गवाहों के बयान करवाए।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने पैरवी की। अदालत ने 14 अगस्त को आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।