कहा-प्रदेश में कानून व्यवस्था का निकला दिवाला
बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में अब प्रजातंत्र नाम की कोई चीज नहीं रही है। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी महज एक प्राइवेट लिमिटेड बनकर रह गई है। इसमें मुख्यमंत्री सुक्खू, उनका परिवार, प्रदेश के मंत्री और उनके परिवारजनों के साथ-साथ मित्रमंडली का ही एकछत्र राज हो गया है और पार्टी कार्यकर्ताओं की कहीं कोई पूछ नहीं हो रही है।
सुजानपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि केंद्र में तो पहले से ही कांग्रेस पार्टी एक परिवार की प्राइवेट लिमिटेड पार्टी बनकर रह गई थी और अब प्रदेश में भी कांग्रेस पार्टी एक प्राइवेट लिमिटेड की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का नामकरण अब प्राइवेट लिमिटेड कर देना चाहिए क्योंकि इसमें अब कोई सिद्धांत और उसूल नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के काम करने के तौर तरीके और मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं से कतई मेल नहीं खाता। चुने हुए विधायकों पर जिस तरह राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से झूठ केस बनाए गए और पुलिस तंत्र का इस्तेमाल विरोधियों को कुचलने के लिए किया जा रहा है, उससे यह साबित हो गया है कि प्रदेश में अब लोकतंत्र का अपहरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह अलोकतांत्रिक सरकार अपने ही वजन से खुद गिर जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग राज्यसभा चुनाव में बाहरी प्रत्याशी प्रदेश पर थोपकर हिमाचल के स्वाभिमान को बेच रहे थे, वे अपने आप को साधु कहलवाने लगे हैं। जिन लोगों ने हिमाचल के स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी और हिमाचल के हितों से खिलवाड़ नहीं होने दिया,उन्हें बिकाऊ करार दिया जा रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला पिट रहा है। युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे बंद होने के साथ ही विकास कार्य ठप पड़े हैं।