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Hamirpur (Himachal) News: एचआरटीसी का हाल... खिड़कियों में शीशे की जगह टीन का जुगाड़

Tue, 17 Dec 2024 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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कुल्लू। एचआरटीसी की बसों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं, लेकिन बसों की हालत को देखकर निगम की व्यवस्था का बखूबी अंदाजा लगाया जा सकता है। एचआरटीसी की कई बसों में खिड़कियों पर टूटे शीशे की जगह चादर का जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है।
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टूटे शीशों को लगाने के बाद बजाय टिन की चादर लगाकर हवा रोकने का काम किया गया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया है। इतना ही नहीं कई बसों के फ्रंट शीशे में दरारें है। इन शीशों को भी नहीं बदला गया है। एचआरटीसी की कई बसों में इस तरह की शिकायत है। वहीं कई बसों के अंदर भी सीटों के कवर फटे-पुराने हैं। मंगलवार सुबह रिएल्टी चैक में 9:30 बजे से लेकर 10:15 बजे के बीच जब आईएसबीटी कुल्लू में ही सात से आठ बसों अधिकतर खिड़कियों में शीशे की जगह टिन की चादरें लगाई हुई नजर आई। बसों की जिस तरह से हालत हैं, जिस तरह की व्यवस्था नजर आ रही है, उससे एचआरटीसी के बेहतर सुविधा प्रदान करने के दावे धरातल पर उतरते पर पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं। बदहाल व्यवस्था निगम प्रबंधन पर कई सवाल खड़े करती हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
कुल्लू डिपो के कई तरह की बसे हैं, जिनके बसों के शीशे के साइज के अलग-अलग होते हैं, इनके ऑर्डर दिल्ली के लिए दिए जाते हैं, इनमें कुछ समय लगता है। इसके बावजूद निगम के द्वारा बस में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान की जा रही है।
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डीके नारंग, डीडीएम, एचआरटीसी।

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कुल्लू ही नहीं प्रदेश की बहुत बड़ी आबादी एचआरटीसी की बसों में सफर करती है। लोग इन बसों में बैठने पर किराया भी अदा करते हैं। इसके बावजूद एचआरटीसी की बसों में टूटी खिड़की के शीशे की जगह टिन की चादरें लगाना समझ से बाहर है। निगम व्यवस्था में सुधार करे।
सचिन चौधरी निवासी शमशी, कुल्लू

कुल्लू जिला के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लोगों के लिए एचआरटीसी की बसें एकमात्र सहारा हैं। इसलिए निगम बसों की हालत को ठीक रखा जाए , जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। बसों में शीशे की जगह टिन की चादरें किसी से दाग से कम नहीं लगते।
गौरव जैन, निवासी पारला भुंतर, कुल्लू

निगम की जो बसें पुरानी हो गई हैं, उनके अंदर भी हालात भी सही नहीं है। बसों के अंदर कवर फटे व पुराने हैं। जिस तरह से निजी बस ऑपरेटर अपनी बसों का रखरखाव उचित तरीके से करते हैं, ठीक उसी तरह से बसों को चकाचक रखा जाना चाहिए। जिससे लोगों को उचित सुविधा मिले।
पिंकू, निवासी जिया, कुल्लू

कई रूटों पर बसें कम होने से बसों में सवारियों को दिक्कतें आती हैं, जिससे यात्री परेशान होते है। ऐसे सभी लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसें चलाए जाने की आवश्यकता है। इससे एचआरटीसी को पहले के मुकाबले अधिक राजस्व मिलेगा।
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कमल, निवासी बढ़ेई रा ग्रां, लगघाटी, कुल्लू
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