कम्युनिस्ट पार्टी इकाई हमीरपुर ने रूसा के विरोध में उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही तानाशाही रवैये को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
कम्युनिस्ट पार्टी ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द रूसा प्रणाली को समाप्त नहीं किया गया तो पार्टी को आंदोलन तेज करने को मजबूर होना पड़ेगा।
इकाई सचिव जोगेंद्र कुमार ने कहा कि रूसा को लागू किए चार साल हो चुके हैं।
अधिकतर छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह रहे हैं।छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। प्रदेश में बेरोजगारी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलावा किसी भी राज्य में रूसा लागू नहीं है।
हालांकि, एसएफआई भी रूसा के विरोध में आवाज उठाती रही है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। अब कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूरन रूसा के खिलाफ आंदोलन करने के मजबूर होना पड़ा है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द रूसा को खत्म नहीं किया तो उन्हें मजबूरन आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक और कंप्यूटर ऑपरेटर मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन उग्र करने को मजबूर होना पड़ेगा।
धरना-प्रदर्शन में अनिल मनकोटिया, जसवीर सिंह, सुरेश, रंजन शर्मा, संतोष कुमार, आदेश, विजय, शालू, पिंकी देवी, नीलम, कौशल्या, राजीव रांगड़ा, कानव, निखिल और साहिल आदि मौजूद रहे।