गुड़िया हेल्पलाइन पर नहीं मिली मदद, महिला थाने में भी दुर्व्यवहार
नवविवाहिता ने अपनी मां के साथ दर्ज करवाया घरेलू हिंसा का मामला
सास ने भी बहू पर लगाया उबलता हुआ पानी फेंकने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर।
शिमला में बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म मामले के बाद प्रदेश भाजपा सरकार की पहल पर बनाई गुड़िया हेल्पलाइन और महिला थाने की कार्यप्रणाली पर एक पीड़िता ने सवाल उठाए हैं। पीड़ित नवविवाहिता बिलासपुर जिले के उपमंडल घुमारवीं की रहने वाली है। उसकी शादी अप्रैल 2019 में हमीरपुर के गांव बोहणी के रहने वाले एक युवक के साथ हुई है। महिला का पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता है। जबकि नवविवाहिता अपने ससुराल में रहती है।
पीड़िता के पिता अमीं चंद ने लिखित शिकायत में कहा कि ससुराल पक्ष ने शादी के बाद से ही उसकी बेटी के साथ मारपीट शुरू कर दी थी। जिसकी शिकायत पूर्व में बिलासपुर थाने में भी दर्ज करवाई गई है। लेकिन, दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद वह दोबारा बोहणी में आ गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ससुराल पक्ष ने फिर से मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद सरोज ने गुड़िया हेल्पलाइन 1515 पर फोन किया, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद हमीरपुर महिला थाना में संपर्क किया गया। लेकिन, पीड़िता को मौके पर मदद करने के बजाय उसे थाने में बुलाया गया। पिता ने बताया कि उसकी पत्नी को बिलासपुर से हमीरपुर बेटी तक पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए। जब मां हमीरपुर पहुंची तो बेटी सड़क के किनारे अकेली खड़ी थी। इसके बाद वह महिला थाना हमीरपुर पहुंचे। पीड़िता ने कहा कि महिला थाना के स्टाफ ने भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। उन्होंने सरकार और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि विवाहिता और सास दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। सास का आरोप है कि बहू ने उस पर खोलता हुआ पानी फेंका। घरेलू हिंसा का मामला महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दिया है। वहीं, विवाहिता ने बयान दिया है कि वह बिलासपुर थाना में ही इस मामले में केस दर्ज करवाना चाहती हैं।