हमीरपुर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि अदालतों में आने वाले कई छोटे मामलों को मध्यस्थता और आपसी सहमति से निपटाया जा सकता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत के साथ आपसी संबंधों में अनावश्यक कटुता भी नहीं बढ़ेगी और अदालतों का समय बचेगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की पहल पर विवादों के समाधान के लिए कम्युनिटी मेडिएटर यानी सामुदायिक मध्यस्थ बनाए जा रहे हैं। ये मध्यस्थ पक्षकारों के बीच संवाद कर मामलों को आपसी सहमति से निपटाने में भूमिका निभाएंगे।
जिला हमीरपुर के स्वाहल, ब्याड़, धमरोल, मझियार और रोपा गांवों में पायलट आधार पर सामुदायिक मध्यस्थता योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ नियुक्त किए गए हैं। संवाद