रावमापा बाल हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। एडीसी हमीरपुर की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में शिक्षा उपनिदेशक, रावमापा बाल और रावमापा कन्या के प्रिंसिपल के अलावा डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सदस्य शामिल किए गए हैं।
कमेटी जिला मुख्यालय के दोनों सरकारी स्कूलों का दौरा करेगी। इस दौरान दोनों स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या, क्लास रूम, साइंस और कंप्यूटर लैब की संख्या का निरीक्षण करेगी। जिला प्रशासन ने कमेटी को 15 दिन के भीतर मेडिकल कॉलेज की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं जिससे हमीरपुर के लिए स्वीकृत मेडिकल कॉलेज पर शीघ्र निर्णय हो सके।
इससे पहले प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने रावमापा बाल में पढने वाले विद्यार्थियों को रावमापा कन्या में शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन कन्या स्कूल में कमरों की कमी का तर्क देकर बाल स्कूल की एसएमसी ने इसका विरोध कर दिया था।
अगले ही दिन कन्या स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी बाल स्कूल को कन्या स्कूल में शिफ्ट करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विरोध किया था। इसके बाद बाल स्कूल में मेडिकल कॉलेज का मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया था। अब यह मामला दोबारा गर्मा सकता है।
हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज को खोलने के लिए खाली भवनों और पर्याप्त जमीन की तलाश की जा रही है। बुधवार को टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल चौहान ने भी हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज को लेकर एक बैठक की। एक कमेटी का गठन किया है जो कॉलेज कक्षाएं शुरू करने की संभावनाएं तलाशेगी।
- मदन चौहान, उपायुक्त, हमीरपुर