बरसात शुरू होते ही जिला में सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। दालों की कीमत में पहले ही आग लगी है। इसके चलते आम आदमी की थाली से कई सब्जियां गायब हो गई हैं। शहर की सब्जी मार्केट में मटर 120 तो फ्रासबीन 80 रुपये किलो बिक रही है।
वहीं, शिमला मिर्च, फूलगोभी और टिंडा भी 40 रुपये से ऊपर हो गई है। 10 रुपये किलो बिकने वाला आलू भी 25 के पार पहुंच गया है। लोगों का रसोई बजट बिगड़ने लगा है जिससे गृहणियों का पारा भी कीमतों की तरह सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
दाम बढ़ने से कई सब्जियां आम आदमी से दूर हो गई हैं। अब हफ्ते में एक या दो बार ही लोग सब्जियां खा पा रहे हैं। गृहणी रेखा, पूजा, सुनीता, अनीता, पिंकी, माया, प्रोमिला, विमला, सुरेशां, शिल्पा ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनकी रसोई से सब्जी गायब हो गई है।
अधिकतर दिन दालें ही खा रहे हैं लेकिन दालों की कीमत पहले ही आसमान छू रहीं हैं। ऐसे में रसोई का बजट बुरी तरह लड़खड़ा गया है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हरी सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन सब्जियों के दाम बढ़ने से पर्याप्त सब्जियां खाना मुश्किल हो रहा है। विटामिन, खनिज और आयरन का सबसे बड़ा स्रोत हरी सब्जियां महंगी होना लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।
शहर में सब्जियों के दाम
सब्जी कीमत प्रति किलो
मटर 120
फ्रासबीन 80
पहाड़ी आलू 25
टमाटर 50
भिंडी 40
करेला 40
घीया 40
खीरा 40
अरबी 50
शिमला मिर्च 50
फूलगोभी 60
टिंडा 40
रामतोरी 40
बैंगन 40