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बिजली कानून 2003 में संशोधन के विरोध में गरजे बिजली कर्मचारी

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बिजली कर्मचारियों ने बिजली कानून में संशोधन का किया विरोध
जिला इकाई ने काले बिल्ले लगाकर किया प्रदर्शन
कहा-कर्मचारी, पेंशनर्स और उपभोक्ता विरोधी है कानून
अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। राज्य बिजली परिषद कर्मचारी यूनियन इकाई हमीरपुर ने बिजली कानून 2003 में संशोधनों के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों सहित काले बिल्ले लगा कर कड़ा विरोध किया। इकाई प्रधान सुशील कुमार और सचिव राजेश कुमार ने कहा कि इन संशोधनों के सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेंगे। इन संशोधनों से क्रास सब्सिडी के खत्म हो जाने से जहां घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कई गुणा बढ़ोतरी होगी। वहीं डीबीटी प्रक्रिया के चलते उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। सब्सिडी की राशि बाद में खाते में डाली जाएगी। इसके साथ-साथ सब लाइसेंसी और फ्रेंचाइजी ज्यादा राजस्व वाले क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
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बिजली बोर्ड के पास केवल दूरदराज के क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ता ही रह जाएंगे। क्रास सब्सिडी खत्म हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही बिजली बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। इससे बोर्ड के पास केवल 30 फीसदी राजस्व ही आएगा। इस कारण 18000 हजार कर्मचारियों के वेतन के भुगतान और 25000 पेंशनर्स की पेंशन की अदायगी करने में भी परेशानी आएगी। कर्मचारियों की अन्य सेवा शर्तों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बिजली कानून 2003 का संशोधन राज्य बिजली परिषद, कर्मचारी, पेंशनर्स व उपभोक्ता विरोधी है। वहीं बिजली उपमंडल धनेटा और नादौन में बिजली कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा की अगुवाई में भी कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन किया गया।
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